जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: गुजरात एटीएस (आतंक निरोधी दस्ता) ने बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) की भुज बटालियन में तैनात एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। इस कर्मचारी पर कभेजथित तौर पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का और इंस्टैंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप के जरिए संवेदनशील जानकारी पड़ोसी देश के पास भेजने का आरोप है। एटीएस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
गिरफ्तार किए गए कर्मचारी की पहचान मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है। एटीएस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अुसार वह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सरोला का रहने वाला है। सज्जाद को इसी साल जुलाई में बीएसएफ की 74वीं भुज बटालियन में तैनात किया गया था। उसे भुज में बीएसएफ मुख्यालय से गिरफ्तार किया गया।
सज्जाद साल 2012 में एक कॉन्स्टेबल के तौर पर बीएसएफ में शामिल हुआ था। एटीएस ने कहा कि उसे खुफिया और संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने के बदले में पैसा मिल रहा था। यह पैसा उसके भाई वाजिद और साथी इकबाल राशिद के खातों में जमा किया जा रहा था। उसने एक महीने से अधिक समय के लिए पाकिस्तान की यात्रा भी की थी।
समझौता एक्सप्रेस से गया था पाकिस्तान
एटीएस ने बताया कि उसका पासपोर्ट जम्मू के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से जारी हुआ था। इसी पासपोर्ट पर उसने एक दिसंबर 2011 से 16 जनवरी 2012 के बीच 46 दिन के लिए पाकिस्तान की यात्रा की थी। एटीएस की विज्ञप्ति में बताया गया है कि पाकिस्तान जाने के लिए वह अट्टारी रेलवे स्टेशन से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए गया था।
एटीएस के अनुसार सज्जाद दो फोन इस्तेमाल करता था। एक फोन में उसने पिछली बार इसी साल 14-15 जनवरी को सिम डाला था। उस नंबर के कॉल डाटा रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि वह सिम त्रिपुरा के सत्यगोपाल घोष के नाम पर पंजीकृत था, जो पहली बार सात नवंबर 2020 को एक्टिवेट हुआ था। सज्जाद के पास इस नंबर पर दो कॉल आई थीं।
यह नंबर नौ नवंबर तक एक्टिव रहा और 25 दिसंबर 2020 को डिएक्टिवेट हो गया। इसके बाद 26 दिसंबर को यह नंबर फिर एक्टिवेट हुआ। एटीएस के अनुसार, ’15 जनवरी 2021 को जब नंबर एक्टिव था, 12.38 बजे एक मैसेज आया। इसके बाद इस नंबर पर एक मैसेज आया जो व्हाट्सएप के लिए ओटीपी जैसा था। इसके बाद ये नंबर फिर बंद हो गया।’
पाकिस्तान में अब एक्टिव है व्हाट्सएप
एटीएस ने कहा कि आरोपी को इस नंबर पर जो ओटीपी मिली वह उसने पाकिस्तान भेज दी जहां व्हाट्सएप एक्टिवेट हुआ जिसका इस्तेमाल उसने खुफिया जानकारी भेजने के लिए किया। इस नंबर पर व्हाट्सएप अभी भी एक्टिव है और पारिस्तान में कोई व्यक्ति इसका इस्तेमाल कर रहा है। एटीएस के अनुसार यह व्यक्ति सज्जाद के साथ संपर्क में रहा था।
जन्म की तारीख में भी किया फर्जीवाड़ा
अधिकारियों ने बताया कि सज्जाद ने बीएसएफ के साथ भी धोखेबाजी की थी। उसने अपनी जन्मतिथि गलत बताई है। उसके आधार कार्ड के अनुसार उसका जन्म एक जनवरी 1992 को हुआ था, लेकिन उसके पासपोर्ट में उसके जन्म की तारीख 30 जनवरी 1985 लिखी हुई है। उसके पास के दो फोन सिम के साथ और दो अतिरिक्त सिम जब्त किए गए हैँ।

