Thursday, February 12, 2026
- Advertisement -

खौफ: पॉलीथिन का अवैध धंधा सदर में शिफ्ट

  • शहर में चले अभियान से कोटला से कारोबार समेट कर कैंट क्षेत्र में पहुंच गए धंधे में लिप्त व्यापारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हाईकोर्ट के आदेशों के सालों बाद भी पॉलीथिन पर प्रशासन की हीला-हवाली के चलते पूर्ण प्रतिबंध नहीं लग पाया है। देखा जा रहा है कि महानगर के बाजारों में व्यापारियों द्वारा खुलेआम पॉलीथिन का प्रयोग और अवैध कारोबार किया जा रहा है, मगर कमिश्नर के आदेश के बावजूद केवल शहर में नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत ही इसके खिलाफ अभियान की शुरुआत हो पायी है।

निगम के प्रवर्तन दल ने जैसे ही अवैध धंधा करने वालों की धर-पकड़ शुरु की तो निगम क्षेत्र में इस अवैध कारोबार को करने वाले अधिकांश व्यापारियों ने बचाव के लिए दूसरा रास्ता तलाश लिया है। सूत्रों की माने तो इस धंधे में लिप्त अधिकांश व्यापारी अब कैंट इलाके का रुख कर रहे हैं और उन्होंने अपने इस गौरखधंधे को कोटला से सदर क्षेत्र में शिफ्ट किया है। जहां से शहरभर में अवैध रुप से प्रतिबंधित पॉलीथिन की सप्लाई धड़ल्ले से की जा रही है।

उधर, स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के मद्देनजर नगरायुक्त मनीष बंसल ने प्रवर्तन दल को एक माह तक लगातार प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ शिकायत मिलने पर नगर निमग क्षेत्र में अभियान छेड़ने के निर्देश दे रखे हैं। जिसके बाद प्रवर्तन दल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट शक्ति सिंह मलिक के नेतृत्व में बाजारों में घूम-घूमकर छापेमारी कर रहा है। मुखबिरों को शहर में छोड़ा गया है, जो इस गौरखधंधे में लिप्त हैं उनके बारे में खुफिया तंत्र के सहारे जानकारी जुटाई जा रही है।

विभागीय रिपोर्ट की बात करें तो एक सप्ताह के अभियान में अब तक पांच लाख रुपये से अधिक की प्रतिबंधित पॉलीथिन को प्रवर्तन दल शहर में व्यापारिक प्रतिष्ठानों से बरामद कर चुका है। इतना ही नहीं कोटला और टीपीनगर क्षेत्र के कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भारी मात्रा में प्रवर्तन दल ने प्रतिबंधित पॉलीथिन की बरामदगी की है। हाल ही में टीपीनगर में छापेमारी के दौरान यह बात सामने आई थी कि किराना दुकान की आड में व्यापारी प्रतिबंधित पॉलीथिन का गोदाम चला रहा था। जहां से एक लाख रुपये से अधिक की पॉलीथिन को बरामद किया गया, जिसकी मात्रा करीब साढ़े चार कुंतल थी। इसके अलावा कोटला मंडी क्षेत्र से भी इस गौरखधंधे को करने वालों के नाम सामने आ चुके है।

अब सदर बना इस गौरखधंधे की मंडी

नगर निगम प्रवर्तन दल के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट शक्ति सिंह मलिक का कहना है कि शहरी क्षेत्र में प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ कार्रवाई करने का उनका अधिकार केवल निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत ही सीमित है। उनकी टीम के द्वारा कोटला, टीपीनगर, सेंट्रल मार्केट, भगत सिंह मार्केट इलाके में कार्रवाई की करने पर इस गौरखधंधे को करने वाले अधिकांश व्यापारियों ने स्थान परिवर्तन कर लिया है।

उनके सूत्रों से जानकारी मिली रही है कि अब इस धंधे के कारोबारी इन इलाकों को छोड़कर कैंट के सदर क्षेत्र में शिफ्ट हो गए है। ऐसे दर्जनों लोगों की जानकारी मिली है, जो प्रतिबंधित पॉलीथिन की सप्लाई का कार्य निगम क्षेत्र में धर-पकड़ के डर से अब सदर से संचालित कर रहे हैं। क्योंकि सदर क्षेत्र की सीमा नगर निगम के अंतर्गत नहीं आती है। यह इलाका कैंट बोर्ड के अधीन है। इसलिए उनका दल सदर में गौरखधंधा करने वालों की धरपकड़ नहीं कर सकता है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

UP Budget 2026: योगी सरकार का बजट, 10 लाख रोजगार और लड़कियों के लिए 1 लाख रुपये सहायता

जनवाणी ब्यूरो | यूपी: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार...
spot_imgspot_img