- पिछले कोरोना दौर की दिखाई जा रही तस्वीर
- कब्रिस्तानों के हाउसफुल होने का दिया जा रहा हवाला
- नमाजों से लेकर तरावीह तक में दी जा रही बचाव की सलाह
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: तीन साल पहले का वो खौफनाक मंजर जब कब्रिस्तानों में भी हाउस फुल के बोर्ड टांग दिए गए थे। लोग एक दूसरे से मिलने तक से परहेज कर रहे थे। मस्जिदों में ताले लटक गए थे। यहां तक कि दुनिया भर के मुसलमानों की आस्था के केन्द्र सऊदी अरब में भी हज व उमरा तक पर पाबंदी लगा दी गई थी। इन सबकी वजह था वो खौफनाक वायरस जो देखन में छोटा लगे पर घाव करे गंभीर।
जी हां! चीन के वुहान की एक लैब से निकला एक छोटा सा वायरस पूरी दुनिया के लिए जी का जंजाल बन जाएगा किसी ने सोचा भी न था। खुद को विश्व शक्ति कहने पर आमादा अमेरिका भी इस वायरस के आगे नतमस्तक था। कोरोना काल के पहले खौफनाक मंजर की तस्वीरें अभी धुंधली भी नहीं पड़ी थीं कि इसकी दूसरी लहर ने लोगों के पैरों तले जमीन निकाल दी थी। दूसरी लहर में न जाने कितनों ने अपने परिजनों को खो दिया था।
शहर के सबसे बड़े कब्रिस्तनों में से एक बाले मियां में जहां आम दिनों में चार पांच जनाजों का प्रतिदिन दफीना होता था वहीं कोरोना की इस दूसरी लहर में एक दिन में कई कई दर्जन जनाजे पहुंचने लगे थे। कब्रिस्तानों में मुर्दों को दफनाने के लिए मिट्टी तक की कमी होने लगी थी तब जिला प्रशासन के माध्यम से कब्रिस्तानों में मिट्टी की कमी पूरी करवाई गई।
काफी समय बाद हालात सामन्य हुए। लोगों को वैक्सीन लगने लगी। उन्होंने मास्क और सोशल डिस्टेन्सिंग की एहमियत को समझा। अब एक बार फिर से कोरोना सिर उठा रहा है। मेरठ सहित कई शहरों में केस मिलने फिर शुरु हो गए हैं। लोग मास्क व सामाजिक दूरी को भूल चुके हैं लेकिन कई उलेमा पिछली कड़वी यादों को भूले नहीं हैं। रमजानों में इबादत के बीच वो रोजेदारों और

नमाजियों को अभी से ताकीद कर रहे हैं कि सतर्क हो जाएं। शहर की विभिन्न मस्जिदों में उलेमाओं द्वारा शरीयत का हवाला दिया जा रहा है कि जो लोग वैक्सीनेटेड नहीं हैं वो फौरन वैक्सीन लगवा लें। मास्क और सामाजिक दूरी बनाए रखने की भी अपील की जा रही हैं साथ ही साथ नमाज व तरावीह के दौरान होने वाली विशेष दुआओं में कोरोना के खात्मे की दुआएं की जा रही हैं।
नहीं मिला कोई संक्रमित, तीन ठीक हुए, एक्टिव केस सात
कोरोना फिर पैर पसारने लगा है, आम जनता की लापरवाही इसका प्रमुख कारण है। गनीमत रही कि गुरूवार को जिले में कोई नया संक्रमित नहीं मिला जबकि तीन मरीज ठीक हो गए है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोरोना को लेकर सावधानियां न बरती जाए। स्वास्थ्य विभाग लगातार चेतावनी जारी कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार पूरे जिले से गुरूवार को कुल 244 सैंपल जांच के लिए पहुंचे जबकि 261 सैंपलों की जांच की गई। इनमें से एक भी सैंपल पॉजिटिव नहीं मिला जबकि तीन मरीज ठीक हो गए
जिसके बाद इस समय कुल एक्टिवक केसों की संख्या घटकर सात रह गई है जिनका इलाज उनके घरों पर जारी है। नोडल अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया बदलता मौसम लगातार बीमारियों को न्यौता दे रहा है। जबकि पूरे देश में कोरोना के मामलों में फिर उछाल देखा जा रहा है। ऐसे में आम जनता को कोरोना गाइडलाइनों का सख्ती से पालन करना चाहिए। घरों से निकलने से पहले मास्क का प्रयोग करना जरूरी है, वहीं सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। बुखार-खांसी व नजला होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर कोरोना की जांच जरूर कराएं। जरा सी लापरवाही किसी भी बड़ी अनहोनी को न्यौता देने के लिए काफी है।

