- बम बम भोले के शंखनाद से गूंज उठा नगर
- प्राचीन मोटा महादेव मंदिर पर श्रद्धालुओं ने चढ़ाया जल
- पहला पड़ाव माना जाता है सिद्ध पीठ स्वयंभू प्राचीन मोटा महादेव
मंदिर
जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: हरिद्वार से जल लेकर नजीबाबाद में पहुंच रहे श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में मोटा महादेव मंदिर पर भोले शंकर का जलाभिषेक किया। प्राचीन मोटा महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, तथा हरिद्वार से जल लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहला पड़ाव माना जाता है।
इस संबंध में बुजुर्गों का कहना है कि हरिद्वार से जल लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रथम पड़ाव माना जाता है जिसके कारण प्राचीन मोटा महादेव मंदिर पर जल चढ़ाया जाता है बिना इस मंदिर में जलाभिषेक किए बिना कांवड़ लाने की यात्रा कावड़ यात्रा पूरी नहीं मानी जाती है।

यही कारण है कि दूर-दूर से कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे इस प्रथम पड़ाव पर जलाभिषेक के लिए प्रातः से ही लाइन में लग जाते हैं। इस बार कोविड-19 के चलते शासन की गाइड लाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखते हुए श्रद्धालुओं को जल चढ़ाने की व्यवस्था की गयी है।
नगर में रामपुर, बरेली, बिलासपुर, पीलीभीत शाहजहांपुर के जत्थे नगर में पहुंचना शुरू हो गए हैं और शनिवार को श्रद्धालुओं ने प्रथम पड़ाव मोटा महादेव मंदिर पर जलाभिषेक किया। बिलासपुर से आने वाले श्रद्धालुओं सचिन कोहली, राहुल, रवि और विकास ने बताया कि वे पिछले सात सालों से कावड़ लेकर आ रहे हैं और मोटा महादेव मंदिर पर जल चढ़ाकर अपने गंतव्य को जा रहें है। उन्होंने बताया कि कावड़ यात्रा के दौरान कोविड-19 की गाइड लाइन का प्रयोग कर रहे हैं।
सोटा लगवाने से होती हैं थकान दूर
मोटा महादेव मंदिर पर ही जलाभिषेक के बाद स्थित भैरव बाबा के मंदिर में श्रद्धालु सोटा लगवा कर आगे बढ़ते है। श्रद्धालुओं विनेश, सुरेश रोहित, सचिन आदि ने बताया कि जलाभिषेक के बाद सोटा लगवा कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं।
सोटा लगवाने से यात्रा की थकान दूर हो जाती है। इस संबंध में पंडित शशि नाथ ने बताया कि मोटा महादेव मंदिर पर हरिद्वार से जल लेकर आने वालों के लिए प्रथम पड़ाव माना जाता है। और सोटा लगवा कर जब श्रद्धालु आगे जाते हैं तो यात्रा की पूरी थकान दूर हो जाती है, ऐसी मान्यता है।
वहीं रंग बिरंगी कावड़ दिखाई देने लगी है। भक्तों के आवागमन से तथा भोले की बम बम, शिवभक्त चलेंगे कंकर पर, जल चढ़ेगा शंकर पर,, जैसे जयघोष के साथ नगर शिवमय हो गया है।

