- हिंदी वर्जन कुछ और, और अंगे्रजी वर्जन कहता है कुछ और, त्रुटियां गिनाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट के भाजपा विधायक अमित अग्रवाल ने मास्टर प्लान 2031 को लेकर आपत्ति व्यक्त की है। उनका कहना है कि हिंदी वर्जन कुछ और कहता है और अंग्रेजी वर्जन कुछ और बता रहा है। इसमें भी बहुत बड़ा अंतर है। इसमें त्रुटि की गई है। मानचित्र 2031 अलग दिखता है।
एनसीआर बोर्ड की गाइडलाइंस का पूरी तरह से मास्टर प्लान में पालन ही नहीं किया गया। इसको लेकर भी भाजपा विधायक ने आपत्ति व्यक्त की है। उनका कहना है कि एनसीआर योजना 2041 के अनुसार तथा उसके आधार पर महायोजना 2031 तैयार करनी चाहिए थी, जो नहीं हुई है।
मेरठ एनसीआर क्षेत्र का हिस्सा है, दिल्ली के बाद सबसे बड़ा शहर मेरठ है। मेरठ एनसीआर बोर्ड तथा एनजीटी के तमाम प्रतिबंध वाहन, प्रदूषण, पर्यावरण, ग्रीनवर्ज, उद्योग क्षेत्र पर लागू होते हैं, इसलिए बिल्डिंग बाइलॉज और मास्टर प्लान भी दिल्ली विकास प्राधिकरण के 2041 के प्रारूप का अध्ययन कर लागू करना चाहिए था, जो नहीं हुआ।
इसमें बड़ी त्रुटि है। उन्होंने कहा कि मेरठ सिटीजन फोरम, एमडीए के सहयोग से तथा उसके तत्वधान में एक गोष्ठी मेरठ शहर और व्यवसायियों, उद्योगपतियों, सामाजिक बंधु, शिक्षाविदों, डॉक्टर, एडवोकेट्स, आइएआई, संयुक्त व्यापार संघ, आर्किटेक्ट, चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ विचार विमर्श करने के बाद ही मास्टर प्लान को फाइनल करना चाहिए । फिलहाल मास्टर प्लान अधूरा है तथा इस पर मंथन करने की आवश्यकता हैं। इसमें त्रुटि ही त्रुटि हैं।
इन पर दर्ज कराई आपत्ति
महायोजना 2031 के प्रारूप बहुत अधिक प्रस्ताव टेंटेटिव के रूप में दर्शाए हैं। महायोजना एक विधिक दस्तावेज है, इसलिए शासन स्वीकृति उपरांत इन प्रस्ताव यथावत सिजरा मानचित्र पर ड्राफ्ट तैयार होंगे और उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि उक्त प्रस्तावों में बाद कोई संशोधन होता है तो महायोजना में इस संशोधन के स्वीकृति के लिए फिर से यही प्रक्रिया अपनानी होगी।
फिलहाल अंतिम प्रस्ताव तक महायोजना मानचित्र पर दर्शाना उचित नहीं होगा। भाजपा विधायक की मांग थी कि कालोनियों में प्लाट के अनुमन्य कवरेज एरिया का 20 प्रतिशत क्षेत्र कमर्शियल एक्टिविटी के लिए यूज किये जाने के लिए अनुमन्य होना चाहिए। नेचुरल ड्रेनेज सिस्टम शहर के लिए काली नदी है, जो शहर से पूरब दिशा में है।
पूरा आर-जोन शहर के पश्चिम में प्रस्तावित किया गया है, जो अनुचित है। पूरा वेस्ट वाटर का प्रवाह पूरे शहर में ओवर फ्लो डैड नालों से गुजर कर काली नदी में जाता हैं। इसी वजह से जलभराव की शहर में समस्या बनी हुई हैं।
ट्रांसपोर्टर के लिए चिन्हित जमीन पर व्यापारियों की आपत्ति
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मेरठ विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए चिन्हित किए गए स्थानों पर आपत्ति दर्ज कराई तथा प्राधिकरण उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि महानगर में हजारों की संख्या में ट्रक मेरठ से देश के कौने-कौने में जाते और आते हैं। महायोजना 2021 में बागपत रोड तथा गढ़ रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित किया गया था, जो आज तक भी शिफ्ट नहीं हो पाया है।
ट्रांसपोर्ट नगर को मेरठ के मौजूदा ट्रांसपोर्ट नगर से शिफ्ट करना मुश्किल काम है। प्रस्तावित महायोजना 2031 के प्लान में बागपत रोड, गढ़ रोड के साथ हापुड़ रोड पर भी ट्रांसपोर्ट नगर के लिए स्थान चयनित किया है। मेरठ को जोड़ने वाले प्रत्येक नेशनल हाइवे तथा स्टेट हाइवे जैसे बड़ौत मार्ग, शामली मार्ग, रुड़की मार्ग, बिजनौर मार्ग, दिल्ली मार्ग पर ट्रांसपोर्ट नगर के लिए भूमि को संरक्षित किया जाना दर्शाया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन देने वालों में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष गौरव शर्मा, व्यापारी नेता विपुल सिंघल, नवीन अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अनेजा, रोहित कपूर, अतुल शर्मा, अनीस चौधरी, दीपक गांधी, सरदार खेता सिंह, देवी चरण सेन, नीरज मुल्तानी, सुरेंद्र शर्मा सहित अन्य ट्रांसपोर्ट मौजूद रहे।

