जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित ताज पैलेस होटल को शनिवार को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे होटल प्रबंधन और वहां ठहरे लोगों में अफरातफरी मच गई। धमकी मिलने की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंच गईं और होटल परिसर को तत्काल खाली कराया गया।
सुरक्षा अधिकारियों ने होटल के हर हिस्से की गहन तलाशी ली, लेकिन अब तक किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। हालांकि, जांच अब भी जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इसे फर्जी धमकी मानकर भी सभी संभावनाओं पर गौर कर रही हैं।
कल हाईकोर्ट को भी मिली थी धमकी
गौरतलब है कि शुक्रवार को भी ठीक इसी तरह का एक ई-मेल दिल्ली हाईकोर्ट को मिला था, जिसमें बम विस्फोट की धमकी दी गई थी। वहां भी बम स्क्वाड और डॉग स्क्वॉड को तैनात कर गहन तलाशी अभियान चलाया गया था, लेकिन कोई भी संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई थी।
सिर उठाने लगी फर्जी धमकियों की लहर
हाल के महीनों में यह देखा गया है कि स्कूलों, कॉलेजों, एयरपोर्ट्स, अदालतों और सरकारी संस्थानों को लगातार ई-मेल या फोन कॉल के जरिए बम की धमकियां मिल रही हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि अधिकतर मामले “हॉक्स कॉल्स” या फर्जी ई-मेल साबित हुए हैं, जिनका उद्देश्य अफरातफरी फैलाना या साइबर आतंक हो सकता है।
साइबर सेल की जांच शुरू
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने भी जांच शुरू कर दी है और उस ई-मेल की उत्पत्ति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह पता चला है कि यह मेल संभवतः बिना पहचान वाले फ्री ई-मेल सर्वर से भेजा गया है, जिसे ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन तकनीकी टीम इस दिशा में काम कर रही है।
होटल प्रबंधन की ओर से बयान
ताज पैलेस होटल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया “हमारे सुरक्षा मानकों के अनुसार तत्काल सभी जरूरी कदम उठाए गए। मेहमानों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और हम प्रशासन के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं।”
सुरक्षा एजेंसियों की अपील
पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करने की अपील की है। साथ ही, जानबूझकर इस तरह की फर्जी धमकी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
बता दें कि, ताज होटल को मिली यह धमकी भले ही अब तक फर्जी साबित होती दिख रही हो, लेकिन यह घटनाएं दिखाती हैं कि सुरक्षा एजेंसियों को हर पल सतर्क रहना पड़ता है। ऐसे माहौल में, जनता की सतर्कता और प्रशासन की तत्परता ही किसी भी संभावित खतरे से निपटने का सबसे मजबूत हथियार है।

