Saturday, June 22, 2024
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12 बरस लग गए गंगा पर पुल के निर्माण में

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  • हस्तिनापुर-बिजनौर के बीच गंगा पर पुल निर्माण पूरा, मार्च में होगा उद्घाटन
  • एप्रोच रोड निर्माण करने में लगा लंबा समय

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हस्तिनापुर और बिजनौर के बीच गंगा पर बन रहे पुल के निर्माण को 12 वर्ष लग गए। सरकारी सिस्टम कितना लचर है कि धनराशि का आवंटन होने के बाद भी किस हद तक सरकारी सिस्टम में लापरवाही बरती जाती है, उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। जो पुल तीन वर्ष के बीच बनकर तैयार होना था और उसके निर्माण पर 12 वर्ष लग गए। ये सरकारी विभाग की भी खामियां है।

यही नहीं, तीन बार इस पुल का रिएस्टीमेट बन चुका है। लगातार पुल की लागत बढ़ती जा रही है। इसका भार भी सीधे जनता पर पड़ा है। दरअसल, इसकी घोषणा 2007 में मायावती ने की थी। इस पुल को 2009 में तैयार करके देने का लक्ष्य था, लेकिन तैयार करना तो दूर लगातार इसका रिएस्टीमेट बनता चला गया। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने कार्यकाल में हस्तिनापुर व चांदपुर (बिजनौर) के बीच गंगा पर पुल निर्माण करने के लिए बजट जारी किया था।

तब इसकी मांग पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने की थी। उनकी मांग पर ही तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने इस मांग को पूरा करते हुए पुल निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी थी। भिकुंड (हस्तिनापुर) के सामने गंगा पर पुल का निर्माण वर्ष 2008 में चालू कर दिया गया था, लेकिन बीच में निर्माण हस्तिनापुर वन्य अभ्यारण क्षेत्र के चलते रुक गया था। जो लंबी प्रक्रिया के बाद ही चालू हुआ था।

यही नहीं, इसके बाद गंगा में पानी ज्यादा आने की वजह से मिट्टी का कटाव होना बताया गया था। मिट्टी के कटाव को लेकर भी पीडब्ल्यूडी की एक टीम लखनऊ से जांच पड़ताल करने के लिए आयी थी। तब कहा गया था कि मिट्टी के नाम पर घोटाला हुआ है। क्योंकि ठेकेदार ने मिट्टी को गंगा में जलस्तर ज्यादा आने के कारण बह जाना बताया गया था। इसमें ठेकेदार ने प्राइवेट कंपनी से इश्यारेंस ले लिया था।

इसको लेकर भी काफी बवाल मच गया था। इसी मामले में जांच पड़ताल भी हुई थी। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने कागजी प्रक्रिया भी आरंभ की थी, मगर ठेकेदार ने इसमें अपना पक्ष अधिकारियों के सामने रखा था। अब सेतु निगम ने पुल का निर्माण तो पूरा कर दिया है, लेकिन पीडब्लयूडी की सड़क तैयार नहीं हो पाई है।

एक तरफ सड़क का निर्माण बिजनौर पीडब्ल्यूडी विभाग कर रहा है तो हस्तिनापुर साइड में मेरठ पीडब्ल्यूडी एप्रोच रोड का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें अब भी कुछ समय लग सकता है, हालांकि रात-दिन इस पर काम चल रहा है। फिर भी कहा जा रहा है कि पुल का उद्घाटन मार्च में होगा। क्योंकि मार्च तक ही दोनों साइड की एप्रोच रोड बनकर तैयार हो जाएगी, जिसके बाद ही इस पर आवागमन चालू होगा।

इन्हें मिलेगा लाभ

हस्तिानपुर क्षेत्र के करीब 100 गांव लाभाविंत होंगे। भीकुंड, बधवा, खेड़ी, लतीफपुर, चेतावाला, तारापुर, बामनौली, रामराज, बहसूमा, गणेशपुर ये हस्तिनापुर के गांव है, जबकि चांदपुर (बिजनौर) और धामपुर कस्बे थोड़ी दूरी पर पड़ते हैं। उनको भी इस पुल निर्माण का लाभ मिलेगा।

मुरादाबाद की 20 किमी की घटेगी दूरी

मेरठ व मुरादाबाद की दूरी 20 किमी घट जाएगी। हरियाणा से ट्रैफिक मुजफ्फरनगर होकर बिजनौर जाता है। इसके बाद ही मुरादाबाद ही जाता है। हरियाणा का मुरादाबाद जाने वाला ट्रैफिक इस रूट से ही जाएंगा, क्योंकि ये 20 किमी कम पड़ेगा। सहारनपुर से जो वाहन मुरादाबाद के लिए जाएगी, उन्हें मेरठ जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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