- थाना दोघट क्षेत्र में वर्ष 2012 में दिन दहाड़े भरे बाजार में हुई थी हत्या
जनवाणी संवादाता |
बागपत: थाना दोघट के गांव निरपुड़ा के प्रधानपति हत्याकांड में दोषी पाते हुए जिला जज की अदालत ने पांच को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें दो-दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
घटना क्रम की जानकारी देते हुए वादी के वकील धर्मेंद्र कुमार काठा व डीजीसी सुनील पवांर ने बताया कि गांव निरपुड़ा में प्रधान पति बृजपाल व इकबाल के परिवार के बीच काफी समय से मुकदमेबाजी चल रही थी। इसी के चलते 29 सितम्बर 2012 में गांव लगने वाले पैठ बाजार में दिन दहाड़े गोली मरकर बृजपाल की हत्या करा दी गई थी।
इस मामले में मृतक की पत्नी ग्राम प्रधान मुनेश देवी ने थाना दोघट में ओमप्रकाश, इकबाल व रामबली को नामजद करते हुए पांच लोगों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में नामजद आरोपियों के अलावा बाबू, सुधीर, नीरज व कालू का नाम भी प्रकाश में आया था।

जांच के बाद पुलिस ने सात लोगों के विरूद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इस हत्याकांड की सुनवाई जिला जज संतोष कुमार राय की अदालत में चली। करीब आठ वर्ष बाद सोमवार इस मुकदमे में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। जिला जज ने इकबाल, ओमप्रकाश, बाबू, सुधीर व नीरज को हत्या में दोषी पाते हुए आजीवन करावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने दोषियों पर हत्या के मामले में 25-25 हजार का तथा कातिलाना हमले में 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को दो-दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
डीजीसी पंवार ने बताया कि इस मामले में एक आरोपी कालू की फाइल अलग चल रही है। उस पर सोमवार को निर्णय नहीं आया है जबकि एक आरोपी रामबली काफी समय से लापता है। उसके संबंध में अभी पुलिस कोई जानकारी कोर्ट का उपलब्ध नहीं करा सकी है।

