जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बीते सप्ताह तेज गिरावट के बाद, रविवार को सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली। बजट के दिन, जहां शेयर बाजार के साथ कमोडिटी मार्केट एमसीएक्स पर भी ट्रेडिंग जारी रही, वहीं ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं तेज़ी से गिर गईं। बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में सबसे बड़ा झटका आया, और 1 किलो चांदी का भाव अचानक 27,000 रुपये तक गिर गया, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। वहीं, सोने की कीमतों में भी 13,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई।
केंद्रीय बजट 2026-27 के पहले रविवार को वायदा कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में 9 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इससे पहले भी पिछले सप्ताह कीमती धातुओं में भारी गिरावट देखी गई थी, जब एक ही दिन में चांदी की कीमतें करीब 30 प्रतिशत तक गिर गईं और सोने की कीमतें लगभग 17 प्रतिशत घट गईं। जानकारों के मुताबिक, बजट से जुड़ी अनिश्चितता, वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के दबाव के चलते कीमती धातुओं पर लगातार दबाव बना हुआ है।
चांदी की गिरावट
पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट आई थी। खास बात यह रही कि गिरावट से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार किया था। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 4,20,048 रुपये के लाइफटाइम हाई पर पहुंची थी, लेकिन अगले ही दिन इसमें जोरदार गिरावट आई और भाव 1.28 लाख रुपये घटकर 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गया। बजट वाले दिन रविवार को गिरावट और गहरी हो गई और चांदी करीब 9 प्रतिशत यानी 26,273 रुपये सस्ती होकर 2,65,652 रुपये प्रति किलो पर आ गई।
सोने की हालत
सोने की कीमतों का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला 10 ग्राम 24 कैरेट सोना गुरुवार को 1,93,096 रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने के बाद गिरकर 42,247 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया और 1,50,849 रुपये पर आ गया। रविवार को कारोबार शुरू होते ही सोने में फिर तेज बिकवाली देखने को मिली और सोना 8.80 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 10 ग्राम 13,711 रुपये सस्ता होकर 1,38,634 रुपये पर आ गया।
गिरावट की संभावना पहले से जताई गई थी
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार बजट रविवार को पेश होने के कारण कमोडिटी बाजार में भी ट्रेडिंग हो रही थी। सोना और चांदी में गिरावट की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी, क्योंकि पिछले सप्ताह की तेज गिरावट से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हो गया था। इसका असर बजट डे पर बिकवाली के रूप में देखने को मिला, जैसा कि वायदा कारोबार शुरू होते ही अनुमानित था।

