Saturday, March 7, 2026
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बंटी के टिकट से गठबंधन मैं भितरघात की संभावनाएं बढ़ी

  • ब्राह्मण समाज व पाल समाज ने जताया विरोध, बंटी का पुतला फूंका
  • स्थानीय सपा नेता भी नहीं पचा रहे हैं इस टिकट को, चुनाव में हो सकता है विरोध

जनवाणी संवाददाता   

मुजफ्फरनगर: 2022 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन प्रत्याशी को लेकर सदर सीट पर घमासान मचा हुआ है। इस टिकट की चाह में जहां दो भाई आपस में एक दूसरे के सामने खड़े नजर आ रहे हैं वहीं पाल समाज व ब्राह्मण समाज अपने प्रत्याशियों को टिकट दिलवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं।

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हाईकमान की ओर से सौरभ स्वरूप का टिकट फाइनल हो जाने के बाद सपा में भितरघात की संभावनाएं बढ़ गई हैं|

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और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सौरव स्वरूप का विरोध जताना शुरू कर दिया है। पाल समाज व ब्राह्मण समाज के लोगों ने सौरभ स्वरूप का पुतला फूंक कर अपना विरोध जताया है।

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गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा सीट पर स्वर्गीय चितरंजन स्वरूप समाजवादी पार्टी से विधायक थे और उनकी असमय मृत्यु के बाद इस सीट पर उनके पुत्र गौरव स्वरूप को सपा की ओर से टिकट दिया गया था, परंतु वह अपनी विरासत को बचाने में कामयाब नहीं हो पाए और उपचुनाव भाजपा के कपिल देव अग्रवाल ने जीत लिया था। 2017 में हुए|

विधानसभा चुनाव में भी समाजवादी पार्टी ने गोरव स्वरूप को ही अपना प्रत्याशी बनाया था, परंतु इस चुनाव में भी गौरव स्वरूप को हार का मुंह देखना पड़ा था। 2022 की विधानसभा चुनाव के लिए भी गौरव स्वरूप टिकट की दावेदारी कर रहे थे, परंतु मामला उस समय पेचीदा हो गया, जब उनके सगे भाई सौरव स्वरूप ने भी इस सीट पर दावेदारी कर दी।

इसके अलावा ब्राह्मण समाज में अपनी अच्छी पकड़ रखने वाले राकेश शर्मा द्वारा भी इस सीट से टिकट मांगा जा रहा था। रालोद से पूर्व में चुनाव लड़ चुकी पायल माहेश्वरी भी सदर सीट से टिकट के दावेदार थी। इस टिकट को लेकर काफी समय से रस्साकशी चल रही थी, परंतु सोमवार को पार्टी हाईकमान ने सौरभ स्वरूप के टिकट पर मोहर लगा दी थी।

सौरभ स्वरूप का टिकट घोषित होते ही सपा का भीतरघात सामने आना शुरू हो गया और टिकट की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी से जुड़े पाल समाज व ब्राह्मण समाज के लोगों ने सौरभ स्वरूप का विरोध जताते हुए उसके पुतले का दहन कर दिया।

इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता भी सौरभ स्वरूप की टिकट को पच नहीं पा रहे हैं। कुछ सपा नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सौरभ स्वरूप का पार्टी के लिए कभी कोई सरोकार नहीं रहा है|

जबकि गौरव स्वरूप व राकेश शर्मा लगातार जनता के बीच रहे हैं और उनकी एक अपनी पहचान भी है। माना जा रहा है कि सौरभ स्वरूप की टिकट से सपा को नुकसान पहुंच सकता है। बता दें कि सदर सीट से वर्तमान में कपिल देव अग्रवाल विधायक हैं |

और उनका कई मुद्दों को लेकर भाजपाइयों में भी विरोध है, परंतु सौरभ स्वरूप का टिकट होने से सपा के भीतर होने वाले भितरघात व ब्राह्मण समाज की नाराजगी एक बार फिर कपिल देव अग्रवाल को संजीवनी दे सकती है।

हालांकि अभी सौरभ स्वरूप का नॉमिनेशन नहीं हुआ है, तो ऐसे में देखना यह है कि पार्टी हाईकमान सौरव स्वरूप के टिकट को बरकरार रखती है या फिर स्थानीय नेताओं के वे उनके परिवार में हो रहे विरोध को देखते हुए इस टिकट में बदलाव करती है।

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