Friday, March 6, 2026
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उत्तराखंड में नजीबाबाद डिपो की बसों को प्रवेश की अनुमति को भेजा पत्र

  • अभी तक केवल दो बसों की अनुमति मिलने से यात्री हो रहे परेशान

जनवाणी ब्यूरो |

नजीबाबाद: डिपो की बसों को उत्तराखंड के बस अड्डों पर पहुंचने की अनुमति दिए जाने के लिए नजीबाबाद ड़िपो के एआरएम प्रभात चौधरी ने उत्तराखंड व यूपी के परिवहन उच्चाधिकारियों को बसों के चलाए जाने की अनुमति दिए जाने के लिए पत्र भेजा है। अभी तक कोरोना संक्रमण को देखते हुए नजीबाबाद डिपो की मात्र दो बसों को ही अनुमति दी है और उन बसों को भी ऋषिकुल से वापस किया जा रहा है। इसके चलते नजीबाबाद डिपो की बसों का लोड फैक्टर भी प्रभावित हो रहा है।

कोरोना महामारी के दौरान सरकार की ओर से जारी लाकडाउन के समाप्त होने के बाद अनलाक-5 में भी उत्तराखंड सरकार की ओर से नजीबाबाद डिपो की बसों को उत्तराखंड भेजे जाने की अनुमति नहीं देने से उत्तराखंड आवागमन करने वालों को भारी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है।

काफी प्रयास के बाद उत्तर मुरादाबाद डिपो को मात्र आठ और नजीबाबाद डिपो की मात्र दो बसों व चांदपुर डिपो की एक बस को उत्तराखंड परिवहन निगम के हरिद्वार डिपो तक आवागमन की अनुमति दी गयी है। कोविड-19 को लेकर लगाए गए लाकडाउन से पूर्व सामान्य दिनों में मुरादाबाद डिपो की 50 से अधिक तथा नजीबाबाद डिपो की करीब 30 बसें रोजाना उत्तराखंड परिवहन निगम के हरिद्वार डिपो के लिए आवागमन करती रहीं हैं।

बसों की संख्या काफी कम होने की वजह से यहां से हरिद्वार आवागमन करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नजीबाबाद डिपो के एआरएम प्रभात चौधरी ने बताया कि यदि वे यात्रियों की परेशानी को देखते हुए दो से अधिक बसों को हरिद्वार के लिए भेजते है तो उत्तराखंड रोडवेज बसो को अंदर नहीं जाने देती। यदि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के नजीबाबाद डिपो की बस बार्डर पार कर चली भी जाती है तो हरिद्वार डिपो में प्रवेश न मिल पाने के लिए बस के चालक व परिचालक को सवारियां ऋषिकुल पर उतारने के बाद वापस लौटना पड़ता है।

जहां से वापसी में यात्री न मिलने की वजह से डिपो का निर्धारित से कम लोड फैक्टर आता है और आमदनी भी प्रभावित हो रही है। इस संबंध में एआरएम नजीबाबाद प्रभात चौधरी ने बताया कि उनके द्वारा उत्तराखंड व अपने निगम के उच्च अधिकारियों को बसों को उत्तराखंड चलाए जाने की अनुमति के लिए पत्र भेजा गया है। ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके।

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