- कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने किसानों और अफसरों के साथ की मीटिंग
जनवाणी संवाददाता |
शामली: उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने मेरठ-करनाल हाईवे के प्रस्तावित बाईपास को लेकर किसानों की भूमि अधिग्रहण और पेड़ों की समस्याओं के निवारण के लिए किसानों और प्रशासनिक अफसरों के साथ मीटिंग की।
शनिवार की देर शाम कलक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश सरकार में गन्ना व विकास एवं चीनी मिलें कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने जनपद स्तरीय अधिकारियों और क्षेत्र के गांव गौहरनी, बधैव, टिटौली टपराना व सेवापुर के किसानों की एक मीटिंग ली।
मीटिंग में गन्ना मंत्री ने मेरठ-करनाल हाईवे पर प्रस्तावित बाईपास के निर्माण को लेकर किसानों को हो रही समस्याओं को सुना और मौजूद अधिकारियों को तत्काल किसानों की समस्याओं के निवारण के दिशा निर्देश दिए।
मीटिंग में किसानों ने बताया कि उनकी जमीन बाईपास पर आ रही है और उनका नाम अधिग्रहण सूची में छूट गया है, वहीं कुछ किसानों ने बाईपास पर खेतों में आ रहे अपने पेड़ों की जानकारी दी।
जिस पर कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि जो किसान इस बाईपास पर छूट गए हैं और उनकी जमीन इस बाईपास पर आ रही है उनको उसका मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, जो पेड़ किसानों के बाईपास पर आ रहे हैं, उनका भी मुआवजा किसानों को दिलवाया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने इस दौरान कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में उत्तर प्रदेश विकास के अनेकों आयाम छू रहा है।
विकास की इसी कड़ी में शामली जिले में मेरठ करनाल हाईवे अब नेशनल हाईवे हो चुका है और इस पर बाईपास निर्माण प्रस्तावित है। इस हाइवे के निर्माण में बाईपास को लेकर कुछ किसानों की समस्याएं थी जिनका समाधान प्रमुखता के आधार पर किया जा रहा है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी जसजीत कौर, अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर संदीप कुमार, भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप, किसान प्रताप चौधरी, रमेश कुलदीप पवार आदि मौजूद रहे।

