जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और इसके प्रमोटर निदेशक अनिल अंबानी के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में जांच तेज कर दी है। शनिवार को CBI ने आरकॉम और अनिल अंबानी से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व में बैंकों के एक समूह को हुए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के संबंध में की जा रही है। इस सिलसिले में CBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ एक औपचारिक मामला दर्ज किया है।
CBI की टीमों ने दिल्ली और मुंबई समेत कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें अनिल अंबानी से जुड़े परिसरों को भी शामिल किया गया है। जांच एजेंसी ने दस्तावेज़ी साक्ष्य, डिजिटल डाटा और अन्य जरूरी सबूत जुटाने के लिए यह छापेमारी की।
पंकज चौधरी ने किया था खुलासा
गौरतलब है कि वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पिछले महीने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में खुलासा किया था कि आरबीआई के धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन से जुड़े मास्टर निर्देशों और बैंक बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति के तहत रिलायंस कम्युनिकेशंस को 13 जून 2025 को धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत किया गया था। इसके बाद 24 जून 2025 को भारतीय स्टेट बैंक ने आरबीआई को इस वर्गीकरण की जानकारी दी थी।
मामले की जांच तेजी से
इस मामले की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है और उम्मीद की जा रही है कि सीबीआई आने वाले दिनों में और भी लोगों से पूछताछ कर सकती है। सूत्रों का मानना है कि यह कार्रवाई कॉर्पोरेट धोखाधड़ी पर सरकार और जांच एजेंसियों की सख्ती का संकेत है।

