- दसवीं और बाहरवीं की परीक्षा में शामिल होने जा रहे 26,566 छात्र-छात्राएं
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि सीबीएसई दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं जिले के 32 केंद्रों पर आज से शुरू होने जा रही है। जिले में इस वर्ष दसवीं की परीक्षा में 14,042 और बारहवीं की परीक्षा में 12,524 छात्र-छात्राएं शामिल होने जा रहे है। सीबीएसई दसवीं की परीक्षा 21 मार्च और बारहवीं की 5 अप्रैल तक चलेगी। परीक्षा से एक दिन पहले छात्र-छात्राओं ने मंदिर में जाकर परीक्षा अच्छी होने के लिए प्रार्थना की। परीक्षा सुबह 10:30 से शुरु होगी।
बता दें कि बोर्ड परीक्षा को लेकर मंगलवार को सिटी कोआॅर्डिनेटर सुधांशु शेखर ने कुछ दिशा निर्देश जारी किए। जिसमें उन्होंने कहा कि 15 फरवरी से पांच अप्रैल के मध्य मेरठ जिले के 32 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्र निर्धारित समय पर अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। परीक्षा केंद्र प्रात: नौ बजे परीक्षार्थियों के लिए खुल जाएगा तथा प्रात: 10 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
संभव हो तो एक दिन पूर्व ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र को देख लें। बोर्ड परीक्षा का लिखित समय 10:30 से 1:30 तक का है। प्रात: नौ पर छात्र परीक्षा कक्ष में प्रवेश करेंगे। 10 पर उत्तर पुस्तिका वितरित की जाएगी। 10:15 पर प्रश्नपत्र वितरित किया जाएगा अर्थात 10:15 से 10:30 के मध्य छात्र प्रश्नपत्र पढेंÞगे। परीक्षार्थी अपने साथ ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) पेंसिल बाक्स या पाउच ही ले जाएंगे।
जिसमें आवश्यक लेखन सामग्री होगी परीक्षा के दौरान छात्र रॉयल ब्लू, लैक पेन अथवा ब्लू ब्लैक जेल पेन का ही प्रयोग करेंगे। किसी अन्य रंग का नहीं। रेगुलर परीक्षार्थी अपने विद्यालय की यूनिफॉर्म में जाएंगे जबकि प्राइवेट परीक्षार्थी हल्के वस्त्रों को पहनें ताकि जांच कार्य भली-भांति हो सकें। परीक्षा कक्षा में किसी भी प्रकार की लिखित सामग्री, कैलकुलेटर, लॉग बुक, पेनड्राइव इलेक्ट्रॉनिक पेन, मोबाइल फोन हेल्थ बैंड, स्मार्ट वॉच प्रतिबंधित है।
किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री (खुली अथवा बंद) ले जाने की अनुमति नहीं हैं, केवल डायबिटीज के पेशेंट को छोड़कर। परीक्षा केंद्रों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। सभी परीक्षा केंद्रों के वॉशरूम में हैंडवाश सैनिटाइजर, टिशू पेपर्स की पूरी व्यवस्था हो। इसी क्रम में उन्होंने छात्रों के अभिभावकों से भी अनुरोध किया है कि वे घर पर भी बच्चों को साफ सुथरा वातावरण दें। स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें व बच्चों को घर का बना पौष्टिक भोजन, फल इत्यादि अवश्य दें।

