Monday, March 30, 2026
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30 जून तक मनाया जाएगा मलेरिया माह

  • स्वास्थ्य विभाग करेगा मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक

वरिष्ठ संवाददाता |

सहारनपुर: मच्छरों को पनपने से रोकने व इनसे होने वाली बीमारियों की रोकथाम व उपचार के लिए जून माह को मलेरिया माह के तौर पर मनाया जाएगा। इस दौरान जन समुदाय को जागरूक करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर रविवार मच्छर पर वार कार्यक्रम का क्रियान्वयन भी किया जाएगा। इसके अलावा बुखार के सभी मरीजों की मलेरिया स्लाइड बनवाई जाएगी। इसके लिए जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) के अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर ने बताया- बारिश शुरू होते ही मच्छरों का पनपना भी शुरू हो जाता है। यह मच्छर ठहरे हुए पानी में अंडे देते हैं। अंडे से लार्वा निकलता है, और उससे मच्छर बनते हैं, जो इंसानों में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारी फैलाते हैं। उन्होंने बताया जनसमुदाय को मलेरिया से बचाव के बारे में बताया जाएगा।

जनसामान्य को मच्छरों के प्रजनन स्थल जैसे नारियल के खोल, प्लास्टिक कप, बोतल, थमार्कोल की प्लेट व कटोरी आदि को नष्ट किये जाने के बारे में भी बताया जाएगा। सप्ताह में एक दिन अनावश्यक पानी के संकलन को खत्म करने के लिए संवेदीकृत किया जाएगा।

ताकि लोग अपने कूलर इत्यादि को सप्ताह में एक दिन पूरी तरह से खाली कर उसमें साफ पानी भरें। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा. एएनएम के द्वारा बुखार के रोगियों का सर्वेक्षण कर उनकी रक्त पट्टिकाएं बनायी जाएंगी। ग्राम्य स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से मलेरिया रोग के बचाव एवं उपचार तथा गंभीर रोगियों को संदर्भित करने में सहायता ली जाएगी।

क्या है मलेरिया:

मलेरिया, प्लास्मोडियम गण के प्रोटोजोआ परिजीवी द्वारा मादा एनाफिलीस मच्छर के काटने से होता है। यह प्रोटोजोआ इतने छोटे होते हैं कि इन्हें आंखों से से नहीं देखा जा सकता। व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं में इस प्रोटोजोआ के फैलने से मलेरिया बुखार आता है।

स्लाइड से होती है मलेरिया की पुष्टि

सीएमओ ने बताया किसी भी प्रकार का बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर मलेरिया स्लाइड बनवा लेनी चाहिए। मलेरिया की पुष्टि होने पर इलाज करने में आसानी होती है। बता दें कि मलेरिया रोाधी माह में बुखार के सभी मरीजों की मलेरिया स्लाईड भी बनवाई जाएगी। इसके लिये जनपद के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अधीक्षको को निर्देषित किया गया है। आशा एवं एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वैक्टर जनित रोगों के अर्न्तगत आने वाली बिमारियां जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, आदि से बचाव एवं रोकथाम के लिए घर के अन्दर, बाहर व छतों पर टूटे बर्तनों, टायर, गमले, बोतल, आदि में पानी जमा न होने दें। मलेरिया एवं डेंगू की रोकथाम हेतु जनपद में किसी भी सरकारी अथवा गैर सरकारी कार्यालय एवं निजी भवनों में अगर रूका हुआ पानी मिलता है जैसे कूलर, गमले, छतो पर रखे टायर, आदि में लार्वा पाया गया तो भारतीय दण्ड सहिता की धारा 188 के तहत पॉंच हजार रुपए तक का जुमार्ना नगर निगम, ब्लॉक स्तर पर नगर पालिका, नगर पंचायत द्वारा वसूल कर जिला कोशागार में जमा किया जायेगा।

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