जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र के मंगलवार को समक्ष 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए हाट कुक्ड फूड योजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने बैठकों में प्लास्टिक फोल्डर के प्रयोग पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विभागीय बैठकों या कार्यक्रमों में प्लास्टिक फोल्डर का इस्तेमाल कतई न किया जाये। इसके अलावा प्रेजेंटेशन को विभागीय अधिकारियों को हार्ड कॉपी के स्थान पर सॉफ्ट काॅपी में उपलब्ध कराया जाये।
मुख्य सचिव ने कहा कि बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उन्हें पोषण युक्त आहार उपलब्ध कराना जरूरी है। सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अन्तर्गत आंगनवाड़ी केंद्र के शालापूर्व बच्चों 3 से 6 साल वर्ष के लिए गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के लिए अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
इससे आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के नामांकन और उपस्थिति दोनों में सुधार आयेगा। खाना तैयार करने के लिये लकड़ी से जलने वाले चूल्हे का इस्तेमाल कतई न किया जाये, केवल रसोई गैस का ही इस्तेमाल किया जाये।
सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार अनामिका सिंह ने बताया कि सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अन्तर्गत आंगनवाड़ी केंद्र के शालापूर्व बच्चों 3-6 वर्ष के लिए गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एवं शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार के शासनादेश द्वारा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण पीएम पोषण योजना के अनुसार, समग्र शिक्षा में शामिल प्री-प्राइमरी या बाल वाटिका के बच्चों कक्षा 1 से पूर्व को पीएम पोषण योजना से आच्छादित किये जाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की 171 परियोजनाओं में 73 टीएचआर उत्पादन इकाईयों द्वारा टीएचआर के रुप में आटा बेसन बर्फी प्रीमिक्स तथा दलिया, मूंग दाल खिचड़ी वितरित किया जा रहा है। नैफेड द्वारा 720 परियोजनाओं में फोर्टिफाइड गेहूं दलिया, चना दाल तथा फोर्टिफाइड खाद्य तेल व फोर्टिफाइड चावल वितरित किया जा रहा है।

