- चिलचिलाती धूप से बचने और खानपान के मामले में सावधानी बरतने की चिकित्सक ों ने दी सलाह
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक से आम-ओ-खास बेहाल है। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखा जा रहा है। पानी की कमी, डायरिया, बुखार और उल्टी दस्त के मामलों में बीते 10 दिनों उछाल देखने को मिला है। बीमारियों से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। इधर, चिकित्सकों द्वारा बच्चों के मामले में लापरवाही न बरतने की सलाह अभिभावकों को दी जा रही है। सुबह 11 से शाम 4 बजे तक जब चिलचिलाती धूप चरम पर होती है तो ऐसी स्थिति में घर से बाहर बच्चों को न भेजना ही उचित माना गया है।
लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कालेज की चाइल्ड ओपीडी में इलाज के लिए पंजीकरण कराने वाले बच्चों की संख्या 200 से 230 प्रतिदिन थी, वह इन दिनों 250 से 280 के बीच पहुंच गई है। अधिकतर मामले उल्टी, दस्त, फूड पॉइजनिंग और शरीर में पानी की कमी के पाये गये हैं। बच्चों से जुड़ी बीमारियों पर बात करते हुए हेड आॅफ डिपार्टमेंट डा. नवरत्न गुप्ता ने बताया कि इन बीमारियों का मूल कारण अधिक मात्रा में पसीना निकलना और पानी की कमी होना है। खुले में रखा हुआ बासी खाने का प्रयोग करना फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है।
मरीजों का हाल बेहाल
लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कालेज में शुक्रवार को मरीजों की भारी तादाद देखने को मिलनी। विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीजों में ज्यादातर मरीज ऐसे थे जो गर्मी के कारण बीमारी से जूझ रहे थे। जनरल, मेडिसिन, नाक, कान, गला सहित 19 से ओपीडी में मरीजों का यह आंकड़ा शुक्रवार को पंजीकरण के हिसाब से ढाई हजार से ऊपर कूद गया। चिकित्सकों के अनुसार हीट स्ट्रोक के कारण हैजा, उल्टी दस्त, बुखार आदि के अधिक मरीज देखने को मिले। ईएनटी में शुक्रवार को लगभग 200 पंजीकरण थे। विभागाध्यक्ष डा. विनीत ने बताया कि कान में दर्द, आॅटोमाईकोसिस कान में फफूंदी की समस्या से ग्रसित रोगी अधिक मिले।
ये दिया परामर्श
डा. विनीत ने कहा कि कान, गला, नाक या आंख में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह जरूर ले। खुद से परंपरागत इलाज लेने से बचे। कान में पानी न जाने दे। ईयर फोन का कम इस्तेमाल कम करें। दर्द या खुजली हो तो अप्रशिक्षित व्यक्ति से कान साफ न कराये। गले की समस्याओं से बचने के लिये कहा कि ठंडा पानी अचानक पीने से बचे। साथ ही आंखों को चश्मा लगाने की और गंदे हाथों से आंख न छूने की सलाह चिकित्सक ने दी।

