Tuesday, May 28, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutसिटी मजिस्ट्रेट का अल करीम होटल पर छापा, चार हिरासत में

सिटी मजिस्ट्रेट का अल करीम होटल पर छापा, चार हिरासत में

- Advertisement -
  • मेनका की जांच पड़ताल करने के लिए गए थे सिटी मस्जिस्ट्रेट

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सिटी मजिस्ट्रेट अमित भट्ट मंगलवार की शाम को मेनका सिनेमा की विवाद की जांच पड़ताल करने के लिए पहुंचे। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने अल करीम होटल पर भी छापा मार दिया, जहां पर नौ घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ने चार लोगों को हिरासत में लिया है।

सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार शाम को मेनका सिनेमा की जांच पड़ताल करने के लिए राजस्व विभाग की टीम के साथ पहुंचे थे। मेनका सिनेमा से सटकर अल करीम होटल है। अल करीम की जांच पड़ताल की तो यहां पर व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की जगह घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस को यहां काम करने वाले चार लोगों को हिरासत में लेने के आदेश दिए।

सिटी मजिस्ट्रेट की कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार अल करीम होटल के पास से ही एक कब्रिस्तान का रास्ता भी जाता है, जिस पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने फोर्स के साथ यह अवैध कब्जे भी हटवा दिए।

15 साल पहले हुई हत्या में दो लोगों को उम्रकैद

न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-14 मेरठ अजयपाल सिंह ने हत्या के आरोप में आरोपी ओमी उर्फ ओम दत्त पुत्र दलीप सिंह व जयप्रकाश पुत्र लोटी निवासी ग्राम सरावा जिला मेरठ को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। एडीजीसी क्रिमिनल प्रेरणा वर्मा ने बताया कि वादी मुकदमा विपिन ने थाना खरखौदा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका छोटा भाई रोहित व पिता जगदीश गत 11 अप्रैल 2007 को रात्रि में घर पर थे। तभी आरोपी हाथ में तमंचा लेकर आए और वादी मुकदमा के पिता जगदीश को गोली मार दी।

जिससे उसके पिता घायल हो गए। वादी पिता को नर्सिंग होम ले गया। जहां उपचार के दौरान उसके पिता की मृत्यु हो गई। मेरा जमीन संबंधी मुकदमा ओमी व लोटी आदि से चल रहा है। इसी रंजिश के कारण इन लोगों ने मेरे पिता की हत्या की। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और न्यायालय में आरोपगण के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय में आरोपियों की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।

जिसका सरकारी अधिवक्ता ने कड़ा विरोध किया और न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ कई गवाह पेश किए। न्यायालय ने गवाहों व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, आरोपी साधु पुत्र जमना निवासी गांव सरावा को हत्या के आरोप में दोषी पाया गया है, लेकिन आरोपी साधु अदालत में उपस्थित न होने के कारण उसके गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
1
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments