जनवाणी ब्यूरो |
उत्तराखंड: बीते सोमवार यानि 31 मार्च को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण घोषणा की। इस घोषणा को करते हुए उन्होंने राज्य के चार प्रमुख जिलों-हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल, और उधम सिंह नगर-के कुछ स्थानों के नाम भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर बदल दिए गए हैं। इस निर्णय का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक धरोहर और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की सम्मानजनक पहचान को बढ़ावा देना है।चलिए जानते हैं ऐसा क्यों किया गया..
संस्कृति और इतिहास का सम्मान
मुख्यमंत्री धामी ने इस कदम को भारतीय संस्कृति, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की याद में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह उन महान व्यक्तियों और घटनाओं को सम्मानित करने का तरीका है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और समृद्ध संस्कृति के लिए योगदान दिया।
क्या है नाम परिवर्तन के उद्देश्य?
भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर स्थानों के नाम बदलने से लोगों को उनकी विरासत और योगदान के बारे में जागरूक किया जा सकेगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को भी अपने देश के इतिहास और गौरवमयी परंपराओं से जोड़ा जाएगा।
इन जिलों के बदले नाम
हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में बदलाव किए गए हैं। इन जिलों में कुछ प्रमुख स्थानों के नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानियों और सांस्कृतिक प्रतीकों के नाम पर रखे गए हैं।
बता दें कि, यह कदम राज्य के भीतर और बाहर भारतीय संस्कृति और इतिहास को संरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर भी लोगों को अपने इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति अधिक सम्मान और समझ विकसित होगी। यि
हरिद्वार जिले में नाम परिवर्तन
- औरंगजेबपुर → शिवाजीनगर
- गजीवाली → आर्यनगर
- चांदपुर → ज्योतिबा फुले नगर
- मोहम्मदपुर जाट → मोहनपुर जाट
- खानपुर → श्रीकृष्णपुर
- खानपुर कुरसाली → आंबेडकर नगर
- इदरीशपुर → नंदपुर
- अकबरपुर फजलपुर → विजयनगर
देहरादून जिले में नाम परिवर्तन
- मियांवाला → रामजीवाला
- पीरवाला → केसरीनगर
- चांदपुर खुर्द → पृथ्वीराज नगर
- अब्दुल्लापुर → दक्षनगर
- नैनीताल जिले में नाम परिवर्तन
- नवाबी रोड → अटल मार्ग
- पनचक्की-आईटीआई मार्ग → गुरु गोलवलकर मार्ग
उधम सिंह नगर जिले में नाम परिवर्तन
- सुल्तानपुर पट्टी → कौशल्यापुरी
क्या बोले सीएम धामी?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “यह नाम परिवर्तन जनभावना को दर्शाता है और भारतीय संस्कृति, इतिहास एवं महापुरुषों के प्रति सम्मान व्यक्त करता है।” उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला उन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए लिया गया है, जिन्होंने देश की सांस्कृतिक धरोहर को बचाए रखने में योगदान दिया।
हरिद्वार जनपद का औरंगज़ेबपुर अब शिवाजी नगर के नाम से जाना जाएगा…
जनभावनाओं के अनुरूप हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उद्धम सिंह नगर जनपदों में स्थित विभिन्न स्थानों के नाम परिवर्तित किए गए हैं। pic.twitter.com/4Vp5pEocmI
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 31, 2025
पहले भी हो चुके हैं बदलाव
बता दें कि, यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थानों के नाम बदले हैं। उत्तर प्रदेश में मुगलकालीन नामों को बदलकर हिंदू महापुरुषों के नाम पर रखा गया था। इलाहाबाद का प्रयागराज, फैजाबाद का अयोध्या और मुगलसराय का पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर कुछ प्रमुख उदाहरण हैं।