जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा 16 सितम्बर 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश शासन ने जातिगत महामंडन को रोकने के लिए सख़्त निर्देश जारी किए हैं। इसको लेकर सहारनपुर का पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है जिलाधिकारी मनीष बंसल और एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि इसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर जातिगत पोस्टर-बैनर लगाने, नारे लिखने, वाहनों पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और सोशल मीडिया पर किसी जाति विशेष को महिमामंडित करने या उसकी निंदा करने संबंधी पोस्ट डालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।शासन के इन निर्देशों को लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साफ किया है कि किसी वाहन पर जातिगत स्लोगन लिखने या प्रदर्शित करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह राजनीतिक रैलियों में भी किसी जाति विशेष को लेकर सम्मेलन आयोजित करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने बताया कि एनसीआरबी व सीसीटीएनएस अभिलेखों में जाति का अंकन अब नहीं किया जाएगा, केवल उन्हीं प्रावधानों को छोड़कर जहां कानूनन छूट प्रदान है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर पुलिस की कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति जातिगत पोस्ट डालता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।संयुक्त अपील में जिलाधिकारी मनीष बंसल और एसएसपी आशीष तिवारी ने जनपदवासियों, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों तथा सभ्रांत नागरिकों से आह्वान किया कि वे न्यायालय और शासन के आदेशों का पालन करें और जातिगत पोस्टर-बैनर या स्लोगन के इस्तेमाल से बचें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आमजन को जागरूक करने के लिए जिले में विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

