जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने दतिया से कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती को साल 1998 की एक एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) में हेराफेरी मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद की सजा सुनाई। हालांकि सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई।
मामला क्या है?
यह मामला उस समय का है जब राजेंद्र भारती दतिया जिले के जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पिता के संस्थान के नाम से कराई गई 10 लाख रुपये की एफडी का ब्याज फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए निकालने की साजिश रची।
अदालत ने उन्हें आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी (धारा 420, 467, 468, 471) जैसी गंभीर धाराओं के तहत दोषी ठहराया। उनके साथ बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी माना गया।
विधायकी पर अब संकट?
नियम के अनुसार, दो साल से अधिक की सजा मिलने पर उनकी विधानसभा सदस्यता खतरे में पड़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि राजेंद्र भारती अगले 60 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में अपील कर सजा पर स्थगन प्राप्त कर लेते हैं, तो उनकी सदस्यता सुरक्षित रह सकती है।

