- अब तक मेरठ में 24666 हो चुके संक्रमित, 421 लोगों की मौत
- 1228 लोग होम आइसोलेट स्थिति हुई गंभीर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। जिस रफ्तार से संक्रमण बढ़ रहा है उसको देखते हुए ऐसा लग रहा है कि बहुत जल्द यहां स्थिति भयावह होने वाली है, क्योंकि सरकारी तंत्र पूरी तरह से प्रभावहीन हो गया है। गुरुवार को हुए 9345 टेस्टिंग में 595 लोग संक्रमित निकले और एक मरीज की कोरोना से मौत हो गई। अब तक मेरठ में 24666 लोग संक्रमित निकल चुके हैं।
सीएमओ अखिलेश मोहन ने बताया कि मेडिकल कालेज के छह छात्र फिर कोरोना पॉजिटिव हो गए। जागृति विहार में एक ही परिवार के चार लोग, डिफेंस कालोनी में दो लोग, शताब्दी नगर स्थित विवेकानंद इन्क्लेव में चार लोग, रोहटा रोड स्थित गोल्ड कोस्ट में दो, दौराला में चार, सिवाया में तीन, ढिकौली में पांच, राजेन्द्र नगर में पांच, शास्त्रीनगर में 20, जाटान स्ट्रीट में एक घर के छह लोग, जागृति विहार सेक्टर-तीन में एक ही परिवार के छह लोग, सुभाष नगर में तीन लोग, मंगल पांडेय नगर में एक ही घर में चार लोग, एमआईईटी में छह लोग, बीआई लाइन में तीन लोग निकले हैं।
कोरोना का आतंक शहर के लगभग हर मोहल्ले में दिखाई दिया है। कोरोना की पहली लहर में एक दिन में सर्वाधिक 375 लोग निकले थे, लेकिन दूसरी लहर न सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं। मवाना में 22 लोग संक्रमित निकले हैं। जबकि सरधना में संख्या 25 पार कर चुकी है।
कोरोना ने डाक्टर, छात्र, मजदूर, महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाया है। कोरोना से शास्त्रीनगर सेक्टर-11 निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। कोरोना ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है।

संसाधनों का टोटा, होम क्वारंटाइन पर जोर
बड़ी संख्या में संक्रमित मरीजों को होम क्वारंटाइन की इजाजत देकर स्वास्थ्य विभाग कोरोना को दावत दे रहा है। पिछली साल इन्हीं दिनों में जब भी संक्रमण का कोई केस मिलता था तो संक्रमित व्यक्तिको सरकारी व प्राइवेट आसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उनके परिवार के सिम्टोमेटिक व्यक्तियों को क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाता था ताकि उनके आस पड़ोस में रहने वालों को संक्रमण से बचाया जा सके।
संक्रमण को फैलने से रोका जा सके, लेकिन अब भले ही कारण कुछ भी हों, जो सिस्टम अपनाया गया है। उससे स्वास्थ्य विभाग खुद ही संक्रमण को दावत दे रहा है। पहले संक्रमित को सरकारी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर परिवार को क्वारंटाइन सेंटर भेजा जाता था।
अब परिजनों को क्वारंटाइन सेंटर भेजना तो दूर की बात उल्टे संक्रमित को परिवार के बीच में रहने की अनुमति दी जा रही है। इसके पीछे जो तर्क स्वास्थ्य विभाग दे रहा है, प्राइवेट चिकित्सक उससे कतई इत्तेफाक नहीं रखते। आईएमए के स्टेट प्रेसीडेंट डा. महेश बंसल का कहना है कि कोरोना प्रोटोकॉल में संक्रमित लोगों को अलग रखने की बात साफ कही गयी है। इसके साइड इफेक्ट नुकसान देह साबित होंगे। बेहतर यही होगा कि संक्रमितों को कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड मे ही भर्ती कराया जाए।
कोरोना को लेकर जिला जज ने जारी की गाइड लाइन
बढ़ते कोरोना वायरस को देखते हुए व उच्च न्यायालय के दिशा निर्देश अनुसार प्रभारी जिला जज ने अदालतों में कार्य के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके अनुसार जिला जज, विशेष क्षेत्राधिकार वाली अदालतें, सीजेएम, सिविल जज सीनियर डिविजन, सिविल जज जूनियर डिविजन सिटी व सिविल जज जूनियर डिविजन हवाली अदालतों में व्यक्तिगत रूप से व वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा कार्य होगा।
जबकि सभी प्रकार की जमानत प्रार्थना पत्रों व अग्रिम जमानत पर सुनवाई एडीजे कोर्ट-छह पंकज मिश्रा तथा एडीजे कोर्ट-पांच जीपी सिंह की अदालत में की जाएगी। अदालत में केवल आवश्यकता होने पर ही प्रवेश किया जाएगा। कार्य समाप्त होते ही सभी लोग समय से कचहरी परिसर छोड़ना सुनिश्चित करेंगे। कचहरी परिसर का रोजमर्रा के आधार पर सैनिटाइजेशन भी किए जाने के आदेश दिए हैं।
रजिस्ट्री कार्यालय रहा बन्द
बुधवार को रजिस्ट्री कार्यालय मे सब रजिस्ट्रार प्रथम के कार्यालय में हेड क्लर्क सिद्धार्थ की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर गुरुवार को रजिस्ट्री कार्यालय 24 घंटे के लिये बंद करा दिया। सभी कर्मियों ने घर पर ही आइसोलेट कर लिया। सब रजिस्ट्रार प्रथम मेरठ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि क्लर्क सिद्धार्थ के साथ काम करने वाले सभी कर्मियों का गुरुवार को टेस्ट करा दिया है जिनकी रिपोर्ट देर रात शाम को आने के बाद कार्यालय को खोलने की आगे की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

