- भारी फोर्स लेकर एमडीए ने कुछ ही देर में पंजाबीपुरा स्थित दो मंजिला इमारत जमीन में मिला दी
- छतों पर खड़े होकर लोगों ने देखी कार्रवाई, पड़ोसी की दीवार तोड़ी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: करीब दो साल पहले फर्रुखाबाद से पेशी पर आये ढाई लाख के इनामी बदमाश बदन सिंह बद्दो के फरार होने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पंजाबीपुरा स्थित दो मंजिला मकान को मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम ने जमींदोज कर दिया।
गुरुवार को एमडीए की टीम भारी भरकम फोर्स को लेकर बद्दो के आवास पर पहुंची और दो जेसीबी की मदद से अनधिकृत गुप्त किले को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान मौहल्ले में लोग छतों पर खड़े होकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई देखते रहे।
पंजाबीपुर निवासी बदन सिंह बद्दो 28 मार्च 2019 को फर्रुखाबाद पुलिस ने गाजियाबाद कोर्ट में पेश किया। शातिर बदन सिंह बद्दो योजना के तहत पुलिस के साथ सेटिंग कर मुकुट महल होटल में पहुंचा था, जहां से शराब पार्टी के दौरान पुलिसकर्मियों को बेहोश कर फरार हो गया था।
बद्दो की फरारी पर ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। बद्दो को पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा एसटीएफ लगा दी गइ थी। उसके बाद भी बद्दो का कोई सुराग नहीं लग पाया था। पुलिस ने बद्दो की फरारी में सहयोग करने वाले 13 लोगों को को जेल भेज दिया था। इनमें डिपिन सूरी और पपीत बढ़ला के खिलाफ गंैगस्टर की कार्रवाई की गई है।
ब्रह्मपुरी पुलिस ने सात नवंबर को बदन सिंह बद्दो की पंजाबीपुरा स्थित अलीशान कोठी की संपत्ति को कुर्क कर दिया था। एमडीए ने बद्दो के मकान के ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था। नौ दिसंबर 2020 को बद्दो की कोठी की मालकिन होने का दावा करने वाली भाभी कुलजीत कौर ने कमिश्नर की कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन तीन दिन पहले कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने कोठी के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया था।
गुरुवार की सुबह एमडीए में एसडीएम मनोज सिंह, जोनल अधिकारी धीरज सिंह, एके सिंह और विपिन कुमार की टीम 10 मजदूरों और दो जेसीबी मशीनों को लेकर पंजाबीपुरा स्थित कोठी पर पहुंची। एमडीए की टीम के साथ एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह, एसडीएम सुनीता सिंह, एएसपी कृष्ण विश्नोई, एएसपी सूरज राय, सीओ ब्रह्मपुरी अमित राय, एसओ टीपीनगर विजय गुप्ता, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी सुभाष अत्री और एसओ रेलवे रोड इंद्रपाल सिंह समेत भारी मात्रा में फोर्स पहुंच गई थी।
कोठी के दो तरफ के रास्तों बैरीपुरा और पंजाबीपुरा में जेसीबी को घुसने की जगह नहीं मिल रही थी। इस कारण बगल में रहने वाले विश्व बंधु के मकान की दीवार को तोड़ा गया। एमडीए के अधिकारियों ने दीवार फिर से बनाने का जहां आश्वासन दिया। वहीं, मोहल्ले वालों ने भी कहा कि उनको ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से कोई दिक्कत नहीं है। सुबह साढ़े 11 बजे शुरु हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई साढ़े तीन बजे तक चली।
एमडीए ने सबसे पहले बाहरी दीवार तोड़ी और बाद में उसके हथौड़ा गैंग ने छत की बाउंड्री को नेस्तनाबूद कर दिया। इसके कमरों की दीवार तोड़ने के बाद दूसरे मंजिल की छत को मिट्टी में मिला दिया गया। जिस वक्त छत जमींदोज हुई उस वक्त धूल के गुबार से पूरा इलाका भर गया।
गौरतलब है कि बददो ने कोठी का अगला हिस्सा वर्षों पहले ही गिरा कर नई कोठी बनाई गई थी। एमडीए ने अगले हिस्से के गेट को खोलकर जेसीबी के आने जाने का रास्ता बना दिया था। इससे पहले बाहरी दीवार गिराने के बाद एमडीए की टीम पोर्कलेन मशीन मंगाने की योजना बना रही थी क्योंकि, एमडीए के अधिकारियों का कहना था कि उनके पास पूरी बिल्डिंग को ध्वस्त करने का अनुभव नहीं है। बाद में जब एसएसपी मौके पर आए तभी एमडीए ने सारे पिलर को तोड़कर छत नीचे गिरा दी थी। जोनल अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि अब रास्ता बनाकर ग्राउंड फ्लोर को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
पांच करोड़ की कोठी कागजों में नहीं
ढाई लाख के इनामी बदमाश बदन सिंह बद्दो की कोठी पांच करोड़ की बताई जा रही है। हैरानी की बात ये है कि इस कोठी का नक्शा एमडीए से पास नहीं था और न ही नगर निगम में हाउस टैक्स में यह मकान दर्ज है। जब कुर्की के दौरान पुलिस घर में घुसी थी तब डेढ़ करोड़ की कीमत के महंगे सामान बरामद किये गए थे। उसकी कोठी में महंगे से महंगे विदेशी सामान थे।
बद्दो का जो मकान नगर निगम में दर्ज था वो पहले ही तोड़ा जा चुका है। आॅपरेशन ध्वस्तीकरण एएसपी कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि बद्दो के मकान को ढूंढना बहुत मुश्किल रहा क्योंकि एमडीए और नगर निगम में कहीं कोई जिक्र नहीं था। एएसपी ने बताया कि बद्दो की कोठी की कीमत करीब पांच करोड़ है। शक तब हुआ जब उसने इस कोठी को बनवाने के लिये छह लाख का लोन लेना दर्शाया था। इसके बाद हुई जांच के बाद कोठी का खुलासा हुआ।
ट्रांसपोर्टर से बदमाश बना
टीपी नगर थाना क्षेत्र के बैरीपुरा निवासी बदन सिंह बद्दो के पिता चरण सिंह 1970 के दशक में जालंधर छोड़कर मेरठ में रहने आ गए थे। बद्दो के पिता ने परिवार का जीवनयापन के लिए ट्रक ड्राइवर का काम शुरू किया था। फिर धीरे-धीरे वह खुद एक ट्रांसपोर्टर बन गया था। वहीं सात भाइयों में सबसे छोटे बदन सिंह बद्दो ने भी ट्रांसपोर्ट के कारोबार में कदम रखा।
इस दौरान उसके संबंध इलाके के बदमाशों से हो गए। इसके बाद उसने शराब के कारोबार में भी हाथ आजमाया। बताया जाता है कि उसने 1988 में अपराध की दुनिया में कदम रखा। बद्दो ने 1996 में एक वकील की हत्या की। इसके बाद साल 2011 में उसने जिला पंचायत के सदस्य संजय गुर्जर की कत्ल में नामजद हुआ। वहीं साल 2012 में केबल नेटवर्क के संचालक पवित्र मैत्रे की हत्या में भी नामजद हुआ था। बद्दो के खिलाफ यूपी समेत कई राज्यों में मामले दर्ज हैं।
दूसरा ध्वस्तीकरण
बदन सिंह बद्दो की कोठी को ध्वस्त करने से पहले एमडीए ने युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली के बिजली बंबा बाइपास पर बन रहे अस्पताल को ध्वस्त कर दिया था। बदर अली के बाद अब प्रशासन ने बद्दो की कोठी ध्वस्त कराई है।
एसएसपी अजय साहनी ने कहा
वेस्ट यूपी का माफिया बदन सिंह बद्दो को आजीवन कारावास हो चुकी है और फर्रुखाबाद पुलिस के साथ पेशी पर आया था। वहां से वो फरार हो गया था। पुलिस ने एक महीने पहले कुर्की की कार्रवाई की थी। एमडीए में एक प्रार्थनापत्र पड़ा हुआ था, जिसमें कहा गया था कि बद्दो ने रसूख और बाहुबल से बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण किया गया था। इसके तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
एसडीएम, एमडीए मनोज सिंह ने कहा
बदन सिंह बद्दो ने 105 वर्ग मीटर में अवैध निर्माण कराया था। इस कारण एमडीए की प्रर्वतन टीम ने पुलिस के सहयोग से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया है।

