Friday, March 6, 2026
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ऊर्जा निगम में अरबों के घोटाले की सीबीआई जांच की मांग

  • जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर चार से छह अप्रैल तक रहेंगे सामूहिक अवकाश पर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ऊर्जा निगमों में शिखर प्रबंधन द्वारा ईआरपी व्यवस्था में अरबों के घोटाला हुआ। जांच सीबीआई से कराने की मांग उठ रही है। प्रदेश भर में नियमों की अनदेखी कर कार्मिकों के विरुद्ध हो रही उत्पीड़न के खिलाफ को लेकर प्रदेश भर के जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर चार अप्रैल से लेकर छह अप्रैल तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसको लेकर असहयोग आंदोलन शुरू हो गया है।

ऊर्जा निगमों के प्रबन्धन द्वारा ईआरपी खरीद एवं कोयले का समय से भुगतान न किये जाने के कारण रुपये 20 प्रति यूनिट तक बिजली खरीद के मामले में प्रेस में जारी किये गये बयान को पूरी तरह असत्य बताते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने पुन: यह आरोप दोहराया है कि ईआरपी प्रणाली खरीद एवं बिजली क्रम करने में उच्च स्तर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जिस पर पर्दा डालने के लिए प्रबन्धन कर्मचारी संगठनों के शान्तिपूर्ण ध्यानाकर्षण आन्दोलन को एस्मा लगाकर अलोकतांत्रिक ढंग से दमन करने की कोशिश कर रहा है।

संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेन्स नीति की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले अरबों रुपए के इस घोटाले की सीबीआई से उच्च स्तरीय जांच करायी जाये एवं घोटाले के दोषी शीर्ष प्रबन्धन पर कठोर कार्रवाई की जाये। संगठन के पदाधिकारियों ने ऊर्जा निगमों के प्रबन्धन द्वारा जारी आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि पावर कारपोरेशन ने 29 दिसम्बर 2018 को एसेन्चर सोल्यूशन प्रालि को 244. 49 करोड़, उत्पादन निगम द्वारा 21 सितम्बर 2019 को लार्सन एवं एल एंड टी इंफोटेक लिमिटेड को 122 करोड़, एक जनवरी 2021 को ओडिसी कम्प्यूटर्स को 38.49 करोड़ एवं पावर ट्रांसमिशन को एसेन्चर सोल्यूशन को 52.98 करोड़ का आदेश किया गया है।

यह कुल धनराशि 457.97 करोड़ रुपये होती है जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़ने पर कुल खर्च 511.52 करोड़ का होता है। जबकि ऊर्जा निगमों के प्रबन्धन ने मात्र 244 करोड़ रुपये का हवाला दिया है जो कि पूरी तरह असत्य है। विगत वर्ष माह सितम्बर-अक्टूबर में विद्युत उत्पादन निगम के ताप बिजली घरों में कोयले संकट का मुख्य कारण कोयले खरीद का समय से भुगतान न कर पाना है। जिसके लिए शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन सीधे जिम्मेदार है।

आज की समीक्षा बैठक में केन्द्रीय भ्रमण टोली के रूप में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के केन्द्रीय महासचिव जयप्रकाश राज्य विद्युत परिषद अभियन्ता संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह, कपिल तेवतिया, अरविंद अंचल अध्यक्ष, राम आशीष कुशवाहा, अशोक शर्मा, केके सारस्वत, जेके गुप्ता, सीपी सिंह, एके सिंह, रोबिन, सिकन्दर सिंह यादव, राकेश कुमार, योगेश कौशिक, सचिन कुमार, रोहित कुमार, जयवीर सिंह, मुकेश यादव, आशुतोष शर्मा, प्रेमलता, मुकेश पाल, जागेश कुमार, सोनू रस्तोगी समेत सैकड़ों की संख्या में अभियन्ता एवं जूनियर इंजीनियर उपस्थित रहे।

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