- 10 हजार से अधिक किसानों की भीड़ पहुंची किसान सम्मान महापंचायत में
- भाकियू के एक आह्वान पर जनपद के गांव-गांव से महापंचायत में आया किसानों का रैला
जनवाणी संवाददाता |
बिजनौर: भाकियू की किसान सम्मान महापंचायत में 10 हजार से भी अधिक किसानों की भीड़ ने पहुंचकर अपनी ताकत का ऐहसास कराया। मंच से गौरव टिकैत व जयंत चौधरी ने किसानों से आह्वान किया कि भाजपा की लंका गिराने को एक हो जाओ। आपस में लड़ने का वक्त नहीं, किसान विरोधी सरकार के खिलाफ एकजुट होकर मुंहतोड़ जवाब देने का है।
सोमवार को राजकीय आईटीआई के मैदान में भाकियू की किसान सम्मान महापंचायत में 10 हजार से भी अधिक किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों से महापंचायत में पहुंचे। पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर भाकियू वारंटियर्स ने महापंचायत की व्यवस्था बनाए रखी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा भाकियू गौरव टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन में करीब 150 से अधिक किसान शहीद हुए हैं। 26 जनवरी को किसानों के साथ भाजपा सरकार ने जो हिंसक लाठीचार्ज कराया है इस घटना से उन शहीद किसानों की आत्माओं को ठेस पहुंची है। गौरव टिकैत ने किसानों से आह्वान किया कि समय आ गया है कि एक हो जाओ, क्योंकि एक होकर ही भाजपा की लंका को गिराया जा सकता है।

हंगामे के बाद गौरव ने जयंत चौधरी को मंच पर बुलाया
महापंचायत में राजनेताओं को मंच पर जगह नहीं मिली। इस दौरान किसानों ने हंगामा कर दिया। हंगामे के बीच गौरव टिकैत ने रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को मंच पर बुलाया तो किसानों ने जोरदार स्वागत किया। रालोद युवराज जयंत चौधरी कहा कि यह समय आपस में लड़ने का नहीं एकजुट होने का है।
जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों अपनी ताकत पहचानो। किसानों तुम हनुमान हो जो इस भजपा की लंका को गिरा सकता है। जयंत चौधरी ने कहा कि किसान विरोधी कृषि कानून प्रधानमंत्री ने चुनचुन कर बनाए हैं। प्रधानमंत्री व उनकी सरकार किसान विरोधी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को पूजा पाठ करने का तो समय है परंतु गन्ने का भाव क्या तय किया जाए इसका समय नहीं है। उन्होंने कहा कि 14 दिन में किसान के गन्ने का भुगतान होना चाहिए। भाजपा सरकार किसान विरोधी है। इस सरकार ने पूंजीपतियों के आगे घुटने टेक दिए हैं।
इससे पूर्व चौधरी दिगंबर सिंह भाकियू युवा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज की महापंचायत पूर्ण रूप से अराजनैतिक है। किसान सम्मान की लड़ाई टिकैत परिवार लड़ रहा है। हमारी आखरी सांस टिकैत परिवार के लिए है।

महापंचायत में राजनैतिक दलों को नहीं दिया मंच
सोमवार को किसान सम्मान में हुई किसान महापंचायत में राजनैतिक दलों को मंच नहीं दिया गया। महापंचायत में पहुंचे तीन पूर्व मंत्री व तीन पूर्व विधायकों को किसानों के बीच में ही बैठाया गया। महापंचायत में स्वामी ओमवेश पूर्व गन्ना मंत्री, मूलचंद चौहान और मनोज पारस को भी मंच नहीं दिया। नूरपुर विधायक नईमुलहसन व तसलीम अहमद पूर्व विधायक भी अपने समर्थकों के साथ किसान महापंचायत में पहुंचे।
किसानों से भर गई आईटीआई भवन की छत
राजकीय आईटीआई मैदान में किसान सम्मान महापंचायत में जनपद के गांव-गांव से किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। आईटीआई का मैदान किसानों से खचाखच भर गया। जब मैदान में जगह नहीं रही तो किसान कालेज की छत पर चढ़ गए और किसान नेताओं के भाषण सुने।
मंच से इन किसान नेताओं ने किसा संबोधित
सोमवार को आईटीआई मैदान में किसान किसानों की महापंचायत में चौधरी युद्धवीर सिंह, कुलवीर सिंह जिलाध्यक्ष भाकियू, ठाकुर रामौतार सिंह, कैलाश लांबा, धर्मवीर सिंह धनकड़, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह फलौदिया, मांगेराम त्यागी आदि ने मंच से किसानों को संबोधित किया।
इनकी रही मौजूदगी
किसान सम्मान महापंचायत में रालोद जिला अध्यक्ष राहुल सिंह, प्रवीण सिंह देशवाल एडवोकेट, पूनम चौधरी, बरखा चौधरी, मुकुल चौधरी, मास्टर इंद्रमणि, राजू अहलावत, लोकेंद्र सिंह डोडवाल, अतुल चौधरी, संदीप त्यागी, बाबूराम तोमर आदि मौजूद रहे। महापंचायत का संचालन जितेंद्र सिंह व नपेंद्र प्रधान ने किया।
नगर के हर चौराहे पर रही पुलिस की मौजूदगी
सोमवार को हुई किसान सम्मान महापंचायत में व्यवस्था बनाए रखने को नगर के हर चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी रही। डीएम, एसपी, एसडीएम सहित पुलिस अमला महापंचायत पर नजर रखे हुए था। दिन भर पुलिस प्रशासन नगर की सड़कों पर गश्त करता रहा।

