जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अमरनाथ यात्रा में शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। चार दिन में ही 40233 यात्री पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। जम्मू से रविवार तड़के बारिश की फुहारों के बीच 317 वाहनों में 8773 श्रद्धालुओं का जत्था पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ।
इस दौरान भगवती नगर से लेकर पूरा क्षेत्र बम बम भोले के जयघोष से गूंज उठा। जम्मू से अमरनाथ यात्रा के पहलगाम मार्ग के लिए 6155 शिवभक्त रवाना हुए। इनमें 4081 पुरुष, 1924 महिलाएं, 12 बच्चे, 119 साधु, 17 साध्वी और दो किन्नर शामिल रहे। बालटाल मार्ग के लिए 2618 श्रद्धालु रवाना हुए। इनमें 1808 पुरुष, 709 महिलाएं, 33 बच्चे, 61 साधु, सात साध्वी शामिल रहीं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को पंथा चौक स्थित अमरनाथ यात्रा के पारगमन शिविर का दौरा कर यात्रियों से बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं व व्यवस्थाओं को जांचा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यात्रियों के साथ व्यापारियों और ट्रक चालकों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा, सिविल सोसायटी, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों के सहयोग से अमरनाथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं सरकार उपलब्ध करवा पा रही है। सुरक्षा बलों में सही समन्वय बना हुआ है। 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं। इस अवसर पर उपराज्यपाल के प्रधान सचिव नीतीश्वर कुमार, मंडलायुक्त पांडुरंग के पोल, पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार, उपायुक्त मोहम्मद एजाज व अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
30 जून से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में अब तक पांच श्रद्धालुओं की मौत भी हो गई है। ह्दयगति रुकने से तीन यात्रियों की मौत हुई है। इनमे दिल्ली के जयप्रकाश, बरेली के देवेंद्र तेयाल और बिहार के लिपो शर्मा शामिल हैं। घोड़े से गिरने से राजस्थान के आशु सिंह की एमजी टॉप में मौत हो गई।
स्वास्थ्य खराब होने से महाराष्ट्र के जगन्नाथ की पीसुटॉप में मौत हुई। वहीं, चंदनवाड़ी से शेषनाग मार्ग में श्रद्धालु वीरेंद्र गुप्ता लापता हैं। उल्लेखनीय है कि अमरनाथ यात्रा इस साल 11 अगस्त तक जारी रहनी है।

