Tuesday, April 7, 2026
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जिला कारागार को मिला आईएसओ सर्टिफिकेट

  • प्रबंधन प्रणाली की कसौटी पर खरी साबित हुई जेल, डीएम और एसएसपी ने की जेल अधीक्षक की प्रशंसा। सीताराम शर्मा ने बदली जेल की आबो हवा, क्वालिटी मैनेजमेंट में जीता सभी का दिल

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: कुख्यात अपराधियों की धमा चौकड़ी और मारपीट की घटनाओं के कारण विवादों में रहने वाली जिला कारागार की आबो हवा अब बदली नजर आ रही है। सुधार की ओर बढ़ती जिला कारागार में नई प्रबंधन प्रणाली विकसित करते हुए जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने इसको बदनामी के काले अंधेरों से निकालकर प्रशंसा के प्रकाशपुंज तक पहुंचने का काम किया है। इसी को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मानकों में खरी साबित हुई जिला कारागार को आईएसओ सर्टिफिकेट मिला है। इस सफलता के लिए डीएम और एसएसपी ने जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा की कार्यप्रणाली की सराहना की।

कलेक्ट्रेट स्थित लोकवाणी भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि तरक्की के लिए सकारात्मक सोच और नजरिया जरूरी है। हमें नकारात्मक प्रभाव से निकलकर आगे बढ़ना चाहिए। ऐसी ही सोच के साथ यूपी की जेलों को सुधार गृह बनाने के प्रयास हो रहे हैं और यहां पर कैदियों को अपराधियों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार उनको सुधार की तरफ ला रही है। इसके लिए कैदियों को समाज के रचनात्मक कार्यों से जोड़ा गया है, उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण कोर्स चलाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ही सकारात्मक प्रयासों के कारण आज जिला कारागार को आईएसओ सर्टिफिकेट मिला है। एसएसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि यह इस जनपद के लिए गौरव का पल है कि जिला कारागार को आईएसओ प्रमाणन मिल पाया है। उन्होंने कहा कि जेल की गतिविधियों से जुड़ी चुनौतिपूर्ण व्यवस्था को जेल अधीक्षक ने बखूबी संभाला है। दोनों आला अफसरों ने इस सफलता के लिए जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।

सीताराम शर्मा ने बताया कि आईएसओ प्रमाणन मिलना निश्चित ही गौरव का पल है। आईएसओ में 155 देश सदस्य हैं और यह संगठन क्वालिटी प्रबंधन के साथ ही अन्य क्षेत्रों में मानकों का पूर्ण करने वाले संस्थाओं, संगठनों और कंपनियों को अंतर्राष्ट्रीय मानक विकसित करने पर प्रमाण पत्र निर्गत करता है। जिला कारागार को क्वालिटी मैनेजमेंट के अन्तर्गत आईएसओ 9001-2015 प्रमाण पत्र मिला है। इसके लिए आईएसओ की टीम द्वारा जनवरी से अभी तक छह भ्रमण कारागार के किये गये। इस दौरान मानकों के लिये उनको जो भी खामी मिली, उसको लेकर हमने काम किया और हम सुधार करने में सफल रहे। अंतिम दौरा आईएसओ की ऑडीटर टीम द्वारा किया गया।

उनके द्वारा कैदियों से भी अलग अलग विषयों और व्यवस्था को लेकर बातचीत कर उनका फीडबैक लिया गया। इसके बाद जेल में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, चिकित्सा और अन्य मामलों में बेहतर प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए यह प्रमाण पत्र मिला है। उन्होंने बताया कि जैन मैनुअल और बिल्डिंग मानकों के अनुरूप सुधारात्मक श्रेणी में कई बड़े काम किये गये है। मुख्य रूप से नवग्रह वाटिका का निर्माण, पुस्तकालय, सौन्दर्यकरण व पौधारोपण, सुझाव शिकायत पेटिका, 7 पीसीओ केन्द्र बनाना, छोटे बच्चों के साथ ही अन्य कैदियों की शिक्षा के लिए शिक्षा प्रणाली विकसित करना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई और ब्यूटीशियन कोर्स की ट्रेनिंग, योग प्रशिक्षण के लिए 14 योग मित्र तैनात करना, अवसाद से बचाने के लिए प्रतिदिन भजन कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, कम्प्यूटर ट्रेनिंग, स्टाफ की समस्याओं के निस्तारण के लिए नियमित रूप से स्टाफ मीटिंग का आयोजन करना इस सफलता तक पहुंचाने में सहायक साबित हुआ है। इस दौरान डीएम और एसएसपी ने जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा को आईएसओ 9001-2015 प्रमाण पत्र सौंपकर बधाई दी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी ;प्रशासनद्ध नरेन्द्र बहादुर सिंह भी मौजूद रहे। जिला कारागार में गुणवत्तायुक्त प्रशासनिक व्यवस्था, अनुशासन एवं प्रबन्ध प्रणाली का पालन कराये जाने के साथ बन्दियों को सकुशल, सुरक्षित रखरखाव, उनके मानवाधिकार के सरंक्षण किये जाने, कारागार में निरूद्ध बन्दियों के कौशल विकास मिशन हेतु कम्प्यूटर, सिलाई आदि कार्याे का प्रशिक्षण दिलाये जाने, कारागार में जेल रेडियों के माध्यम से बन्दियों का मनोरंजन करने, बन्दियों के नैतिक एवं मानसिक उत्थान हेतु चलाये जा रहे विभिन्न प्रकार के सुधारात्मक कार्यक्रमों, स्वच्छता एवं सौन्दर्यीकरण के दृष्टिगत एवं जिला कारागार के मानकों के अनुसार समस्त क्रियाकलापों को लागू किये जाने के परिणाम स्वरूप जिला कारागार, मुजफ्फरनगर को आईएसओ 9001ः2015 प्रमाणपत्र से नवाजा गया है।

आईएसओं की टीम ने छह बार किया जेल का निरीक्षण

जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के अनुसार आईएसओं संस्था द्वारा माह फरवरी से अब तक 06 बार कारागार का निरीक्षण कर विभिन्न मानको यथा जेल मैनुअल के निर्धारित मानक, गुणवत्ता पूर्ण प्रबंधन प्रणाली, स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली, जोखिम प्रबंधन, सामाजिक उत्तरदायित्व, खाद्य सुरक्षा प्रबंधन, चिकित्सा एवं उर्जा इत्यादि मानकों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन द्वारा बन्दियों हेतु ऊच्च कोटि की व्यवस्था के नवग्रह वाटिका का निर्माण, पुस्तकालय का निर्माण, महिला बैरक में छोटे बच्चों के लिए क्रेच का निर्माण, सिलाई सेंटर का निर्माण, ब्यूटिशियन का कोर्स, कम्पयूटर प्रशिक्षण, योग प्रशिक्षण, जेल रेडियों से मनोरंजन करने, साफ-सफाई, स्वच्छता आदि कार्याे की टीम द्वारा निगरानी की गयी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जिला कारागार प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाओं को बनाये रखते हुए बन्दियों को सुविधायें प्रदान की जायेगी ऐसी कामना करते हुए जेल प्रशासन को हार्दिक बधाई दी।

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