दीपावली आने से पहले ही देश में एक प्रकार की राष्ट्रीय स्वच्छता परीक्षा शुरू हो जाती है। इसमें हर पत्नी अपने अपने पतियों से घर का कोना-कोना साफ करवाती है। इसमें परीक्षा का प्रश्नपत्र पत्नी सेट करती है और पति ओपन बुक टेस्ट की तरह उसमें गूगल से उत्तर खोजता फिरता है। इस बार की दीपावली कुछ विशेष थी, क्योंकि श्रीमतीजी ने घोषणा कर दी थी- अबकी बार साफ-सफाई ‘स्मार्ट’ होगी! पुराने झाड़ू से नहीं, नई टेक्नोलॉजी से। पतिदेव जो कि स्वयं को ‘टेक्नोलॉजी गुरु’ मानते थे, खुशी से उछल पड़े- वाह! मतलब अब वो पुराना झाड़ू, वो धूल, वो पोंछा, वो बाल्टी! सब गया इतिहास में? पत्नी जी बोली, इतिहास नहीं! झाड़ू तो चलेगी, पर रोबोट वाली! अब अमेजन से मंगवाओ वो ‘रॉबोटिक वैक्यूम क्लीनर।’ घर में भी ‘एआई’ का माहौल हो। पतिदेव को लगा जैसे उन्हें कोई स्टार्टअप शुरू करना है। उन्होंने लैपटॉप खोला और आॅर्डर कर दिया- श्री झाड़ूलाल 3000 स्मार्ट सफाई यंत्र। अगले दिन पार्सल आ गया, जैसे उसे स्वयं लक्ष्मी जी ने पैक किया हो। शानदार चमचमाते रैपर में!
फिर मशीन युग शुरू हो गया। अब जैसे ही मशीन ने पहला चक्कर लगाया, अचानक बिल्ली ने ऐसा उछलकर पलटवार किया जैसे कोई विदेशी घुसपैठिया आ गया हो। मशीन घूमते-घूमते परदे में उलझ गई और पति महोदय आठों खाने चित्त होकर फर्श पर गिर पड़े। पत्नी ने अपना सर्वथा निजी माथा पकड़ लिया- यही है तुम्हारी टेक्नोलॉजी? धूल तो कम नहीं हुई, परदे का कत्ल और कर दिया! पति ने समझाने की कोशिश की, अरे प्रिये! ये मशीन ‘लर्निंग मोड’ में है। धीरे-धीरे सीखेगी। पर पत्नियां किसी से समझीं है? अगले दिन श्रीमतीजी ने ‘दीपावली क्लीनिंग मिशन- चरण 2.0 की घोषणा कर दी। आज रसोई की सफाई होगी। और सुनो, गैस के नीचे जितनी धूल है, वो पिछले वर्ष की गरीबी रेखा से नीचे है। पतिदेव ने सोचा-अब तो ट्यूबलाइट के कीड़ों तक को रोजगार मिल जाएगा। धीरे से कहा- अगर अनुमति हो तो इस बार मैं ‘एआई डिटेक्शन ऐप’ से धूल खोज लूँ? पत्नी बाकायदा अपने पत्नी धर्म के अनुसार चिल्लाई- तुम्हारे लिए ‘एआई’ का मतलब है-अवॉइडिंग इंस्ट्रक्शंस! फिर शुरू हुआ पति-पत्नी का प्रिय युद्ध! जहां पत्नी के हाथ में चमकता ‘स्टील स्क्रबर’ था, वहीं पति के हाथ में डेटा एनालिसिस का स्क्रीनशॉट!
तीसरे दिन खिड़की पॉलिश कार्यक्रम आरंभ हुआ। पति बोले-अबकी बार मैं ड्रोन क्लीनिंग सर्विस मंगवाऊं? पत्नी ने आंखें तरेरते हुए कहा- पहले वो ड्रोन जैसी उड़ती मक्खियां हटाओ, फिर सर्विस बुलाना। फिर पतिव्रता नार चिल्लाई-थोड़ा हिलो-डुलो, नहीं तो दीपावली की धूल तुम्हारे ऊपर भी जम जाएगी। और हां! ज्यादा स्मार्ट बनोगे तो अगली बार स्मार्ट ‘पति’ भी ले आऊंगी। इतना सुनते ही पति महोदय के हाथें के तोते उड़ गए। फिर पतिदेव ने डायरी में लिखा- सफाई मनुष्य की सभ्यता का प्रमाण नहीं, बल्कि उसकी विवाहित स्थिति का सबूत है। तकनीक आगे बढ़ती है, पर झाड़ू हमेशा उसी दिशा में चलती है-जहां पत्नी का आदेश इंगित करता है।

