जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ड्रग एवं औषधि विभाग की टीम ने छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवा बरामद की है। पकड़ी गयी दवा कौन सी है और इसका क्या इस्तेमाल होता है इसकी जांच की जा रही है। विभाग को काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि कस्बे की एक परचून की दुकान में प्रतिबंधित दवा बेची जा रही है जिसका प्रयोग पशुओं से अधिक दूध प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इसी आधार पर ड्रग विभाग ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी की।
किठौर कस्बे के सुशील किराना स्टोर पर छापेमारी करते हुए ड्रग विभाग की टीम ने पशुओं को दिए जाने वाली प्रतिबंधित दवा का जखीरा बरामद किया है। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई ऑक्सीटॉक्सीन है लेकिन यह सैंपलो की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा। पकड़ी गयी दवा की कीमत तीन लाख से ज्यादा है. विभाग की टीम ने अन्य वस्तुओं की भी सैंपलिंग की है।
बिना रैपर के बेची जा रही थी दवा
ड्रग विभाग के अनुसार पिछले काफी समय से सुशील किराना स्टोर पर पशुओं को दी जाने वाली प्रतिबंधित दवा बेचने की सूचना मिल रही थी। जिसके बाद विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ छापेमारी करते हुए दवा को बरामद किया। जिस समय किराना स्टोर पर छापेमारी की गई तो वहां अफरातफरी मच गई। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि दवा की जो शीशियां बरामद की गई है उनपर कोई लेबल नहीं लगा है। ऐसे में विभाग ने बरामद की गई दवा को अपने कब्जे में ले लिया है। सैंपलिंग की गई है जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि यह कौन सी दवा है, लेकिन चर्चा यही है कि ड्ग विभाग ने जो दवा बरामद की है वह ऑक्सीटॉक्सीन ही है।
क्या है ऑक्सीटॉक्सीन
ऑक्सीटॉक्सीन एक प्रतिबंधित दवा है. इसका प्रयोग पशुओं का दूध कम होने पर उनसे अधिक दूध प्राप्त करने के लिए किया जाता है। देहात क्षेत्र में इसका काफी प्रयोग होता है. वही जन्माष्टमी से लेकर दिवाली तक शहर में दूध की मांग काफी बढ़ जाती है। शहर की मांग को पूरा करने के लिए देहात से बड़ी मात्रा में दूध शहर सप्लाई होता है, लेकिन मांग पूरी नहीं होती। ऐसे में देहात में दुधारू पशुओं को पालने वाले लोग अपने पशुओं से ज्यादा दूध प्राप्त करने के लिए ऑक्सीटॉक्सीन दवा का इस्तेमाल करते है।
सेहत के लिए घातक धीमा ज़हर है
ऑक्सीटॉक्सीन दवा को भारत में प्रतिबंधित किया हुआ है, बावजूद इसके यह आज भी चोरी-छिपे बेची जा रही है. यह दवा पशुओं को देने के लिए इंजेक्शन का प्रयोग किया जाता है। एक इंजेक्शन की कीमत चालीस से सत्तर रूपये तक होती है, लेकिन यह दुधारू पशुओं समेत इंसानों के लिए भी घातक होती है इसी वजह से यह दवा प्रतिबंधित की गयी है। इसके इस्तेमाल से पशुओं में बांझपन व कैंसर होने का खतरा रहता है। वही जिस पशु से ऑक्सीटॉक्सीन दवा देने के बाद दूध प्राप्त किया जाता है उस दूध में दवा के अंश शामिल हो जाते हैं। ऐसे में जो भी व्यक्ति इस दूध का सेवन करता है तो यह दवा उसके शरीर में भी प्रवेश कर जाती है। ऐसे में छोटे बच्चों व महिलाओं के लिए यह दवा खतरनाक साबित हो
सकती है।
सूचना के आधार पर ड्रग विभाग ने कार्रवाई करते हुए दवा पकड़ी है। जिसकी कीमत तीन लाख से ज्यादा है। दवा की बोतलों पर कोई रैपर नहीं लगा है, लेकिन सैंपलिंग करते हुए दवा को जांच के लिए भेजा गया है। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, सैंपलो की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -पियूष शर्मा, ड्रग इंसपेक्टर मेरठ।

