जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बिहार में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड ने एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है। शनिवार को दुलारचंद यादव की अंतिम यात्रा के दौरान जमकर बवाल हुआ, वहीं दूसरी ओर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। डॉक्टरों की टीम के अनुसार, दुलारचंद यादव की मौत गोली से नहीं बल्कि अंदरूनी चोटों के कारण हुई है।
तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमॉर्टम
अनुमंडलीय अस्पताल में शनिवार को तीन सदस्यीय मेडिकल टीम ने दुलारचंद यादव का पोस्टमॉर्टम किया। इस टीम में डाॅ. अजय कुमार, डाॅ. रोहन, और डाॅ. दिलीप शामिल थे।
डाॅ. अजय कुमार ने बताया “पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि दुलारचंद को गंभीर अंदरूनी चोटें थीं। उनके बाएं पैर में गोली लगी थी, लेकिन वह गोली ठेहुने के आर-पार हो गई थी, जिससे मौत संभव नहीं है। शरीर पर कई जगह चोटें हैं और सीने पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। लगभग 10 से 12 एक्स-रे किए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट अभी लंबित है।”
अंतिम यात्रा में हिंसा और नारेबाजी
शनिवार दोपहर जब दुलारचंद यादव की अंतिम यात्रा निकाली गई, तो बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतरे। गुस्साई भीड़ ने “अनंत सिंह को फांसी दो” के नारे लगाए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया, लेकिन तनाव देर शाम तक बना रहा। कई स्थानों पर हंगामा और नारेबाजी होती रही।
परिजनों और जन सुराज पार्टी की मांग
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि “इस घटना को सबने अपनी आंखों से देखा है, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।” वहीं जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार ने चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा “सबसे पहले आरोपी अनंत सिंह और गोली चलाने वाले को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। साथ ही अनंत सिंह की उम्मीदवारी रद्द की जाए और उन्हें फांसी की सजा दी जाए।”

इलाके में तनाव, पुलिस सतर्क
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।

