
ईद का पर्व खुशियों का पर्व है। वैसे तो यह मुख्य रूप से इस्लाम धर्म का त्योहार है, परंतु आज इस त्योहार को लगभग सभी धर्मों के लोग मिल जुल कर मनाते हैं। हर वर्ष मुख्य रूप से दो ईदें मनाई जाती हैं। एक ईद-उल-फितर और दूसरी ईद-उल-जुहा। इसमें ईद-उल-फितर मुसलमानों का सबसे अधिक लोकप्रिय त्योहार है। ईद उल-फितर इस्लामी कैलेण्डर के दसवें महीने शव्वाल के पहले दिन मनाया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस्लामी कैलंडर के सभी महीनों की तरह यह भी नए चांद के दिखने पर शुरू होता है। ईद-उल-फितर से ठीक एक माह पहले रमजान का महीना शुरू होता है। रमजान के पूरे महीने में मुसलमान रोजे यानी उपवास रखते हैं। रोजा सुबह होने से थोड़ी देर पहले आरंभ होता है और सूरज डूबने तक जारी रहता है। इस बीच खाना-पीना और विलास के सब साधन वर्जित होते हैं। रोजे की हालत में न तो कुछ खा सकते हैं न ही कुछ पी सकते हैं।