- शहर के कई मुख्य बाजारों में बंदी का ऐलान
- सदर, बेगमपुल, आबुलेन और स्पोर्ट्स मार्केट रहा बंद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते व्यापारियों की स्वेच्छा बाजार मंगलवार को बंद रहे। कई क्षेत्रों बाजार तो बंद रहे, लेकिन बंद दुकानों के बाहर भी लोग जमावड़ा लगाकर खड़े नजर आए। गौरतलब है कि बेगमपुल, आबुलेन, सराफा, खंदक बाजार, सुभाष बाजार, सदर बाजार और सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट व्यापार संघ ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलो के चलते स्वेच्छा से ही बाजार बंदी का ऐलान किया है। जिसके चलते सभी प्रतिष्ठान बंद नजर आए।
सोमवार को साप्ताहिक बंदी के बाद अगले दिन भी ज्यादातर मार्केट बंद रहे। जिसके बाद बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगों की भीड़ नहीं दिखाई दी। गौरतलब है कि आबुलेन और बेगमपुल व्यापार संघ के व्यापारियों ने आपसी सहमति से तीन मई तक मार्केट बंद करने का ऐलान किया हुआ है। जिसके चलते बंदी का असर मंगलवार को देखने को मिला।
दोपहर और शाम के समय लोगों की भीड़ से खचाखच दिखाई देने वाले बेगमपुल और आबुलेन के बाजार सूने दिखाई दिए। हालांकि कुछ व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठान दिन भर खोले गए और कुछ दिन आधे दिन के लिए अपनी दुकाने खोली। वहीं, बेगमपुल पैंठ बाजार को बंद करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। इसके अलावा सदर सराफा बाजार खुला नजर आया, जोकि बुधवार से बंद किया जाएगा। सर्राफा व्यापारियों ने 28 अप्रैल से तीन मई तक बंदी का ऐलान किया है।

बंद रहा सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट की बंदी का ऐलान व्याारियों द्वारा किया गया है। चार दिन की बंदी के चलते मंगलवार को मार्केट बंद रहा। व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद होने के चलते पूरा मार्केट सूना दिखाई दिया। लॉकडाउन जैसा ही नजारा यहां देखने को मिला।
बता दें कि सर्वप्रथम सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट के व्यापारियों ने 30 अप्रैल तक बंदी की पहल की है। जिसके बाद अन्य मार्केट के व्यापारियों ने भी यह कदम उठाया। सूरजकुंड स्पोर्ट्स गुड्स व्यापार संघ के अध्यक्ष अनुज सिंघल ने बताया कि संक्रमण का प्रभाव तेजी से शहर में बढ़ रहा है।
इसको देखते हुए सभी व्यापारियों की सलाह से यह पहल की गई। गौरतलब है कि मेरठ के खेल का सामान विश्वभर में निर्यात होता है। यहां के खेल के सामान की डिमांड कई देशों में रहती है। ऐसे में चार दिन की बंदी से मार्केट को भारी नुकसान भी झेलना पड़ेगा।
बता दें कि सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट में एक दिन का करोड़ों का टर्नोवर है। ऐसे में मात्र एक दिन की बंदी से ही करीब 10-15 करोड़ रुपयों का नुकसान झेलना होगा। वहीं, चार दिन की बंदी में यह आंकड़ा और भी अधिक बड़ा हो जाता है, लेकिन कोविड-19 संक्रमण के व्यापारियों ने स्वयं ही यह बड़ा कदम उठाया है।

बंद प्रतिष्ठानों के बाहर भी नजर आई भीड़
शहर के ज्यादातर मार्केट मंगलवार को बंद नजर आए। व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठान बंद करने के बावजूद लोग घूमते दिखाई दिए। बंद प्रतिष्ठानों के बाहर भी कई जगहों पर जमावड़ा लगाकर लोग खड़े दिखाई दिए। जिसमें मास्क को लेकर भी जागरुकता की कमी दिखाई दी।
शासन-प्रशासन द्वारा इतना जोर दिए जाने के बावजूद लोग बिना मास्क के सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। आबुलेन मार्केट पर बंद प्रतिष्ठानों के बाहर भी कई जगहों पर भीड़ खड़ी नजर आई। वहीं, सदर बाजार में मार्केट बंद होने के बावजूद जाम जैसी स्थिति दिखाई दी।

