Sunday, May 16, 2021
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सीएम के दावों को उलट रहा शहर का आक्सीजन संकट

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  • एम्बुलेंस वाले भी कर रहे खेल, 200 मीटर दूर जाते ही कर रहे ब्लैक

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दावा है कि प्रदेश के अस्पतालों और नर्सिंग होमों में आॅक्सीजन का संकट नहीं है, लेकिन जिस तरह से शहर के नर्सिंग होम और अस्पताल रोज आॅक्सीजन संकट से जूझ रहे हैं और मरीजों की सांसे उखड़ रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री के दावे सही साबित नहीं हो रहे हैं।

नर्सिंग होमों ने तो फरमान जारी कर दिया है। अगर आपके पास आॅक्सीजन का सिलेंडर है तो बेड मिल सकता है। कारण स्पष्ट है कि तमाम प्रयासों का दावा करने के बावजूद प्रशासन जरूरतमंद लोगों को सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। पूरे शहर में एक दो प्लांट में ही भारी मशक्कत के बाद लोगों को सिलेंडर मिल पा रहा है। वहीं, पुलिस की आंखों के सामने लोग 600 रुपये में सिलेंडर भरवाकर 10 हजार तक में बेच रहे हैं।

12-12 घंटे लाइन में लगने के बाद भी लोगों को आॅक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहा है। यह हाल मेरठ के आॅक्सीजन प्लांटों का है। रिठानी स्थित आॅक्सीजन प्लांट पर मंगलवार को लोगों को सिलेंडर नहीं मिला जिसके बाद उन्होंने जमकर हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि यहां एम्बुलेंस आये तो उसे पहले अंदर कर लिया जाता है और सुबह से लाइन में लोग लगे हैं उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है।

वहीं, दूसरी ओर एम्बुलेंस वालों ने आपदा में भी अवसर तलाश लिया है। वह प्लांट से सिलेंडर लेकर निकलते हैं और कुछ दूर जाते ही उसे ब्लैक कर रहे हैं। जिधर देखो आॅक्सीजन सिलेंडर के लिये मारामारी है। लोग घंटों लाइन में लगने के बावजूद एक सिलेंडर तक हासिल नहीं कर पा रहे हैं। रिठानी स्थित कृष्ण एयर प्रोडक्ट पर यह मारामारी रुकने का नाम नहीं ले रही है।

सोमवार को भी कुछ ऐसे ही हालात थे और बुधवार को भी यहां कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। लोग यहां मंगलवार सुबह चार बजे ही लाइन लगाकर खड़े थे, लेकिन पहले उनके कहा गया कि दो घंटे बाद आॅक्सीजन मिलनी शुरू होगी। सुबह 10 बजे कहा गया कि 11 बजे से आॅक्सीजन मिलनी शुरू होगी, लेकिन 11 बज गये और उन्हें आॅक्सीजन नहीं मिली।

उसके बाद आॅक्सीजन मिलनी शुरू हुई और लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इसके बाद एक एम्बुलेंस आती है और सीधे अंदर घुस जाती है। उसके बाद एक और एम्बुलेंस आती है और वह भी सीधे अंदर घुस जाती है, लेकिन लाइन में लगे लोगों का नंबर नहीं आता है।

जिसके बाद लोगों ने वहां हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद प्लांट में अंदर बैठे एसओ परतापुर नजीर अहमद बाहर आते हैं और वहां हंगामा करते लोगों को समझाते हैं कि पहले एम्बुलेंस वालों को गैस मिलेगी उसके बाद आपका भी नंबर आयेगा, लेकिन लोग यह सुनकर शांत हो गये और चुप बैठ गये।

उसके बाद कुछ लोगों का नंबर आना शुरू हुआ लगा जैसे सभी को आॅक्सीजन मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ ही देर में वहां से सूचना मिलती है कि अब आॅक्सीजन खत्म हो गई है अब नहीं मिलेगी। इसके बाद लोग बेचारे अपने-अपने सिलेंडर उठाते हैं और वहां से निकल जाते हैं। बिना आॅक्सीजन के ही, जबकि एम्बुलेंस वाले एक साथ 7-8 सिलेंडर लेकर निकल रहे हैं।

पापा की तबीयत खराब है

मलियान निवासी राजेश ने बताया कि उनके पिता उमेश कुमार को पिछले दो दिन से सांस लेने में थोड़ी तकलीफ हो रही थी, जिसके बाद से वह आॅक्सीजन के इस्तेमाल में लगे हैं। सोमवार को भी पूरा दिन बिजौली, दिल्ली रोड और यहां चक्कर काटने के बाद भी आॅक्सीजन नहीं मिली थी।

मंगलवार सुबह से यहां लाइन लगाये खड़े हैं, लेकिन दोपहर के 12 बजे तक भी अभी नंबर नहीं आया है। कुछ लोग आते हैं और बीच में से ही सीधे अंदर चले जाते हैं। ऐसे लोगों के कारण ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सिलेंडर के लिए भूखे, प्यासे लोग लाइन में खड़े

जाकिर कालोनी निवासी मोहम्मद आबिद का कहना है कि वह भी सुबह छह बजे से आॅक्सीजन सिलेंडर के लिये लाइन में लगे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिल पाया है। जबकि एम्बुलेंस चालक आते हैं और सीधे अंदर जाकर आॅक्सीजन लेकर निकल जाते हैं।

जबकि उनके जैसे सैकड़ों लोग यहां लाइन में हैं, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इसे लेकर हंगामा भी किया, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी। हालात इस कदर बदतर होते जा रहे हैं कि लोग बिना खाये पिये सुबह ही लाइन में लग जाते हैं फिर भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है।

रोजे से होने के बावजूद लगे लाइन में

महताब निवासी नवाब अहमद ने बताया कि यहां कई लोग ऐसे हैं जो रोजे से हैं उसके बावजूद वह सुबह से यहां आॅक्सीजन सिलेंडर के लिये लाइन में लगे हैं। फिर भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके भाई सादाब के लिये उन्हें आॅक्सीजन की आवश्यकता है जिसके लिये वह लाइन में लगे हैं। एक बार में कई-कई लोग आते हैं और अंदर चले जाते हैं लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। उन्होंने इसके लिये यहां पर टॉकन की व्यवस्था करने की मांग की।

एम्बुलेंस वालों की कट रही चांदी

यहां आॅक्सीजन सिलेंडर लेने आने वाले लोगों का आरोप है कि एम्बुलेंस चालकर आॅक्सीजन सिलेंडर लेने में खेल कर रहे हैं। वह एक साथ कई सिलेंडर लेने आते हैं और सीधे अंदर चले जाते हैं। उसके बाद कुछ ही दूरी पर जाकर एम्बुलेंस संचालकर आॅक्सीजन सिलेंडर चार गुणा से भी अधिक में आॅक्सीजन सिलेंडर को ब्लैक कर रहे हैं। इस प्रकार की धांधली पर प्रशासन को रोक लगानी होगी।

प्रशासन को चाहिए कि जिस किसी भी एम्बुलेंस चालक को आॅक्सीजन सिलेंडर दिये जा रहे हैं पहले वहां मालूम किया जाना चाहिए कि कितने सिलेंडर एम्बुलेंस चालक लेकर आ रहा है। यहां आॅक्सीजन सिलेंडरों में बड़ा खेल चल रहा है लेकिन इसे कोई रोकने वाला नहीं है।

दिल्ली और नोएडा से भी आॅक्सीजन लेने मेरठ पहुंचे लोग

राकेश कुमार निवासी नोएडा सेक्टर-62 और अरविंद निवासी दिल्ली भी मेरठ में यहां आॅक्सीजन सिलेंडर लेने के लिये 50 किमी का सफर तय करके पहुंचे, लेकिन उनसे पहले ही यहां 100 से अधिक लोग आॅक्सीजन सिलेंडर लेकर लाइन में लगे थे। जिसके चलते उन्होंने यहां आॅक्सीजन मिलने की उम्मीद छोड़ दी और उसके बाद यहां से वह मुजफ्फरनगर के लिये रवाना हुए।

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