Tuesday, January 18, 2022
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अब लिखनी होगी मिठाई की एक्सपायरी डेट

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  • एक अक्टूबर से फूड एक्ट के कई नियम सख्ती के साथ होंगे लागू, बिल बुक पर डालना होगा एफएसएसएआई नंबर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मिठाई की दुकानों अब दुकानदारों को उसकी एक्सपायरी डेट भी लिखनी होगी। साथ ही सभी दुकानदारों को जो खाद्य पदार्थ बेचते हैं, उन्हें अपनी बिल बुक के ऊपर एफएसएसएआई नंबर भी अंकित कराना होगा। एक अक्टूबर से यह नियम सख्ती के साथ लागू किये जाएंगे।

इसे लेकर खाद्य सुरक्षा अभिहीत अधिकारी की ओर से निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। इसके अलावा कुछ नये नियम भी जल्द लागू होंगे। उधर, कुछ व्यापारियों ने समस्याओं को लेकर अधिकारियों से मुलाकात भी की।

बता दें कि त्योहारों का समय शुरू होने वाला है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतें बढ़ने लगती है। इसके अलावा दुकानदार भी त्योहारी सीजन को भुनाने के लिये तैयार हैं। अब खाद्य सुरक्षा व मानक विभाग की ओर से कुछ नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

अभिहीत अधिकारी खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम अर्चना धिरान ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को सुधारन के लिये उनके मानक तय किये जा रहे हैं। एफएसएसएआई नंबर बिल बुक पर अंकित कराना होगा जो सभी के लिये अनिवार्य होगा जो खाद्य पदार्थ बेचते हैं।

इसके अलावा मिठाई की दुकानों पर उनके काउंटरों पर उनकी एक्सपायरी डेट भी डालनी होगी। इन नियमों को पहले ही लागू किया गया था, लेकिन अब एक अक्टूबर से इसमें सख्ती की जायेगी। इसके लिये टीम बनाकर बाजारों में निरीक्षण कराया जायेगा।

जहां भी कोई कमी पाई जायेगी, उस मामले में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी व्यापारी आनलाइन एफएसएसएआई लाइसेंस के लिये रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

वहीं, इस संबंध में अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम अर्चना धिमान का कहा है कि त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाया जायेगा और दुकानों पर खाद्य पदार्थों के मानकों की जांच की जायेगी। कुछ नियम पहले से ही चल रहे हैं अब इन नियमों को लेकर सख्ती भी की जायेगी।

मिठाई की दुकानों पर उनकी एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य होगा जहां ऐसा नहीं होगा उन पर कार्रवाई की जायेगी।
तीन बार से अधिक तेल का इस्तेमाल नहीं होगा

मेरठ के साथ-साथ सभी जगहों रेस्टोरेंट, होटल, ढाबों, दुकानों समेत कई जगहों पर रिफाइंड आयल का इस्तेमाल बड़ी संख्या में होता है। हलवाई की दुकानों पर समोसे, पकौड़ी आदि बनाने में रिफाइंड आयल का प्रयोग किया जाता है। विभाग की ओर से पहले नियम लागू किया गया था कि तेल का इस्तेमाल सिर्फ तीन बार किया जायेगा।

उससे अधिक कहीं भी तेल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इस नियम का इस्तेमाल अब सख्ती के साथ किया जायेगा। जहां भी तीन बार से अधिक तेल का इस्तेमाल होता पाया गया। उसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारियों ने समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन

मेरठ खाद्य सुरक्षा व मानक विभाग के नियमों को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बुधवार को अभिहीत अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम अर्चना धिरान से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने नेतृत्व में व्यापारी यहां पहुंचे और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने फूड एक्ट की लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की। इसके अलावा पैकिंग व उस पर हुई प्रिटिंग में कमी पर खुदरा व्यापारी को दोषी बनाने के बजाय गवाह बनाने की मांग की। कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम विभाग में लाइसेंस होने के बाद भी रिनुअल के समय एक माह पहले से 100 रुपये प्रतिदिन की लेट फीस लगाई जा रही है।

उन्होंने लाइसेंस की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद ही लेट फीस लगाये जाने की मांग की। उन्होंने प्रत्येक जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी बनाये जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में राजकुमार त्यागी, विजय मान, सतीश त्यागी, सुखपाल, धर्मवीर, मेहुल, इसरार आदि मौजूद रहे।

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