Friday, March 6, 2026
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लापरवाही की इन्तहा, बस में पीछे का शीशा नदारद

  • एमडी के आदेश को ताक पर रखकर जर्जर और टूटी सीटों के साथ कराया जा रहा सीएनजी बसों का संचालन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एमडी के आदेश की संचालन कंपनी को कोई परवाह नहीं रह गई है। महानगर सेवा के अंतर्गत संचालित होने वाली सीएनजी बसों की जर्जर स्थिति, टूटी फूटी सीटें पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी ताक पर रख दी गई है। इन्तहा तो यहां तक देखने को मिली, कि बस में बैक शीशा भी गायब है, जिससे खड़े हुए यात्री के गिरने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद ऐसी बसों की मरम्मत करने की जरूरत नहीं समझी जा रही है।

बुधवार सुबह करीब 10 बजे बस संख्या यूपी 78-बीटी 5834 सरधना से मेरठ के लिए चली। जिसमें सवार यात्रियों ने बताया कि इस बस की कई सीटें टूटी हुई अवस्था में हैं। सीटों की दयनीय स्थिति के फोटो भी मीडिया के साथ शेयर किए गए। जिसमें सीटें टूटी हुई साफ देखी जा सकती हैं। कई सीटों पर लोहे की प्लेट लगाकर काम चलाऊ करने का प्रयास किया गया है, लेकिन अधिकांश सीटें झूलती हुई देखी जा सकती हैं। इस बस के प्रति कंपनी की लापरवाही का प्रमाण यह देखने को मिला कि उसके बैक में लगने वाला बड़ा शीशा तक नदारद था। ऐसी स्थिति में खड़े होकर यात्रा करने वाले के लिए गिर जाने की आशंका बनी रहती है।

यह स्थिति तब है जबकि एमडी संदीप कुमार नायक साफ तौर पर निर्देश दे चुके हैं कि टूटी फूटी सीटों के साथ कोई भी बस रूट पर न भेजी जाए। गौरतलब है कि मेरठ में संचालित 96 सीएनजी बसों के रखरखाव के लिए महीने में करीब 90 लाख रुपये विभाग की ओर से खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बसों की ऐसी स्थिति देखने को मिलती है। मेंटीनेस के अभाव में आए दिन सीएनजी की बसों को मार्ग पर बिगड़ी हुई स्थिति में खड़ी हुई अवस्था में देखा जा सकता है।

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