जनवाणी संवाददाता |
शामली: समाजवादी पार्टी द्वारा चलाए जा रहे घेरा डालो अभियान के तहट किसानों को कृषि कानून को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जिसके चलते दिल्ली में चल रहे किसान आन्दोलन को लगातार किसानों का समर्थन मिल रहा है।
शुक्रवार को समीपवर्ती गांव भैंसवाल में आयोजित एक बैठक में किसान धर्मपाल सिंह ने कहा कि दिल्ली का आंदोलन सभी किसानों का साझा आन्दोलन है। इस सफल बनाना सभी की ज़िम्मेदारी है। सचिव सहेन्द्र ने गांव के युवाओं से दिल्ली जाकर समर्थन करने की अपील की।
राजदीप चौधरी ने कहा कि युवा शीघ्र ही दिल्ली जाकर आन्दोलन मे हिस्सा लेंगे। इसके बाद सर्वसम्मति से सहेन्द्र सिंह, शोराम प्रधान, अमरदीप, राजदीप, रामबाबू, शोकिन्द्र, अनुज पंवार, चौधरी बेग श्याम, पप्पू आदि की समिति बनाकर उन्हें दिल्ली के लिए गांव से रसद एवं सहायता राशि एकत्रित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी।
इस दौरान मीटिंग मे चौधरी बालकराम, बाबूराम, चौधरी बेगश्याम, वेदपाल, पवन, मांगेराम, नीटू, पिंकू चौधरी, सुनील आदि उपस्थित रहे।
दूसरी ओर, नए कृषि क़ानूनों की जानकारी देने के लिए समाजवादी पार्टी के घेरा डालो कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रोफ़ेसर सुधीर पंवार ने शुक्रवार को गांव मारूखेडी, कादरगढ, मरगूबगढ एवं गढ़ीपुख़्ता में किसानों से सम्पर्क किया।
किसानों से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि मोदी सरकार किसानों की 65 प्रतिशत आबादी की मांग को अनसुना कर रही है।सरकार द्वारा किसानों की दो माँगे स्वीकार करने को उन्होंने किसानों की जीत बताया, लेकिन किसानों की एमएसपी की गारंटी देने एवं ठेका खेती से सम्बन्धित क़ानूनों को वापिस न लेने पर सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि इन काले क़ानूनों का वापिस होना ज़रूरी है। इन क़ानूनों के लागू होने से एमएसपी पर ख़रीद केवल काग़ज़ों पर रह जाएगी। किसान अपनी ज़मीन पर ही मज़दूर बन जाएगा। मोदी सरकार की नीतियों से किसान पहले ही आर्थिक बदहाली का शिकार है।
सरकारी आँकड़ों के हिसाब से ही किसान खेती छोड़ने पर मजबूर है।आवश्यक वस्तु अधिनियम में स्टाक सीमा समाप्त होने से कृषि बाज़ार चंद पूँजीपतियों के हाथों में सिमट जाएगा। बाज़ार के नियन्त्रण की ताक़त से कारपोरेट जहॉ एक और किसान को सस्ता सामान बेचने पर मजबूर करेगा वहीं दूसरी ओर, गरीबों को भी खाने-पीने की चीजे महँगी मिलेगी।
उन्होंने किसानों को दिल्ली आंदोलन का सहयोग करने की अपील की। इस दौरान गढ़ीपुख़्ता की सभा में शफ़ीक़ खान, मुस्तकीम, अतीक खान, मुनत्याज आदि उपस्थित रहे। मरगूब गढ़ की सभा में वकील चौधरी, इरफ़ान चौधरी, विपिन सैनी, सहेन्द्र पाल, जमीरूद्दीन आदि उपस्थित रहे।
दूसरी ओर, कादरगढ में मास्टर जनेश्वर शर्मा, मास्टर चन्द्रभान शर्मा, अरशद प्रधान, वेद प्रकाश शर्मा, ठाकुर कटार सिंह, सोनू ठाकुर आदि उपस्थित रहे तो मारूखेडी में ठाकुर नेता सिंह प्रधान, रामपाल पुन्डीर, ठाकुर धनपत सिंह, सुनील ठाकुर आदि उपस्थित रहे।

