जनवाणी संवाददाता |
मंसूरपुर: क्षेत्र के लच्छेड़ा गांव में एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वेदपाल कश्यप ने तहसील सदर के एक 50 हजार रुपए के बकायेदार की जमानत ली थी। कल तहसील प्रशासन ने गांव में मुनादी कराकर उसकी 10 बीघे जमीन को नीलाम कर देने का ऐलान किया था, जिसके बाद सदमे में किसान वेदपाल कश्यप की मौत हो गई।बताया जाता है कि 5 दिन बाद वेदपाल की बेटी की शादी है।
गुरुवार को 65 वर्षीय किसान वेदपाल कश्यप अपने खेत में मृत अवस्था में पडा मिला है। रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष अजीत राठी, राष्ट्रीय सहसंयोजक सुधीर भारतीय, विकास कादियान, आदेश तोमर मौके पर पहुंचे और मृतक किसान के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए गांव में धरना दिया।
इस सम्बंध में जानकारी देते हुए लछेडा के ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि किसान वेदपाल कश्यप ने दस साल पहले एक रिश्तेदार की जमानत ली थी, जिसकी रिकवरी आई है, जबकि उक्त रिश्तेदार फरार चल रहा है। तहसील कर्मियों द्वारा की गई बेइज्जती के चलते ही उसकी मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने भूमि नीलामी की मुनादी कराई थी, जिसके बाद जमानत राशि जमा न करने पर नीलामी किए जाने की घोषणा की गई थी। किसान वेद पाल कश्यप यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका और किसान की मौत हो गई।उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन को किसान की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जब तक अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक किसान का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
गरीब किसान की मौत से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वहीं परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

