जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: यूपी के बुलंदशहर की पुलिस के कारनामें तो बहुत हैं अब उसी कड़ी में एक और अध्याय और जुड़ता नजर आ रहा है। बुलंदशहर के पुलिस महकमें में तैनात बड़े बड़े अफसर हों या फिर छोटे अधिकारी अचानक सभी की खास चुप्पी वाकई सवाल खड़ी करती ही है। आखिर वह कौन सी वजह थी जिस कारण एक नौजवान महिला दरोगा अचानक खुद की जिंदगी खत्म कर ली और सुसाइड नोट भी लिख दिया।
कयास लगाया जा रहा है कि मोबाइल फोन में मौत का राज छिपा हो सकता है। मोबाइल लॉक होने की वजह से पुलिस तुरंत किसी कॉल व रिकॉर्डिंग आदि की जानकारी हासिल नहीं कर सकी है।
वाह रे, बुलंदशहर की पुलिस आपको कुछ मालूम ही नहीं, गजब का खेल है। आपके विभाग में तैनात एक महिला दरोगा जिसके बारे बताया जा रहा कि वह काफी खुश रहने वाली समझदार थी और वह आत्महत्या यूं ही कर ली, सोने पर सुहागा ये कि महकमें को कुछ एबीसीडी भी नहीं मालूम है।
यानि बुलंदशहर की पुलिस बहुत ही मासूम है। ये अब तक यह पता करने में नाकाम हैं, फेल हैं अपनी नाकामी छुपा रहे हैं या फिर मालूम बनने का ढोंग रचकर जांच की दिशा बदल रहे हैं? वैसे सूत्रों की मानें तो महिला दरोगा की सुसाइड का मामला अत्यंत गम्भीर है।
कहा तो यहां जा रहा है कि बुलंदशहर की पुलिस अन्य मामलों की तरह इसको भी एक अलग मोड़ देने में जुट गई है। बड़ी ही मासूमियत से बुलंदशहर के पुलिस अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम को सलटाने में लगे हैं। पता यहां तक चला है कि शासन स्तर तक भी भ्रामक सूचना भेजने की तैयारी चल रही है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के बुलदंशहर जिले की अनूपशहर कोतवाली में तैनात महिला उपनिरीक्षक आरजू पवार ने शुक्रवार की रात अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट व मृतका का मोबाइल फोन बरामद कर शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया था। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर आकर साक्ष्य जुटाए हैं।
सीधे व सरल स्वभाव की उपनिरीक्षक आरजू पवार अपना जीवन इस तरह से खत्म कर लेंगी, इसका किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा है।
बताया गया कि आरजू पवार वर्ष 2015 में उपनिरीक्षक के पद पर भर्ती हुई थीं। शामली जिले के भैंसवाल गांव निवासी आरजू छह जनवरी को अपने जीवन के खुशनुमा इक्कतीस साल पूरा करने वाली थीं और कुछ ही महीने बाद उनकी शादी के बाद वह नई जिंदगी में प्रवेश करने वाली थीं। लेकिन, इससे पहले ही उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली में तैनात एक महिला एसआई ने नए साल के दिन अपने आवास पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि अब इस मामले में एक खुलासा हुआ है कि शुक्रवार को जिस दिन महिला दारोगा ने आत्महत्या की उस दिन वह काफी खुश थीं।
महिला दारोगा के साथियों ने बताया कि शुक्रवार के दिन यानी एक जनवरी को दारोगा बेहद खुश थीं। उन्होंने अपने साथियों संग खूब हंसी-मजाक भी किया। कोतवाली के मेस में अच्छा खाना भी बनावाया। सभी ने मिलकर नए साल का जश्न मनाया। दारोगा आरजू के साथी भी हैरान हैं कि जब वह कोतवाली में थीं तो बिल्कुल ठीक थीं फिर अचानक ऐसा क्या हुआ जो उन्हें आत्महत्या को मजबूर होना पड़ा।
वहीं दारोगा आरजू की मकान मालकिन जिनके यहां वह रोज खाना खाती थीं उन्होंने शुक्रवार शाम को जब दारोगा को खाने के लिए बुलाया था तो उन्होंने यही कहा था कि आती हूं। इसके बाद तो मकान मालकिन बुलाती रह गईं और दारोगा का फोन बजता रह गया लेकिन न तो वह खाना खाने निकलीं और न ही अपना फोन उठाया।
दारोगा के बारे में ये बात भी सामने आई है कि उनकी फरवरी में शादी होने वाली थी, जिसे लेकर वह उत्साहित भी थीं फिर ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने फांसी लगा ली।
पुलिस अभी इस मामले में कुछ नहीं कह रही। उसका कहना है कि दारोगा का फोन खुलेगा तब ही आगे कुछ पता चल पाएगा। दारोगा का फोन फॉरेंसिक डिपार्टमेंट के पास है जिससे उनकी मौत का राज खुलने की उम्मीद की जा रही है।

