जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइन के परिचालन संकट का असर मंगलवार को भी आठवें दिन जारी रहा। देश के कई हवाईअड्डों पर 200 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं, जबकि कई अन्य उड़ानें घंटों की देरी से संचालित हुईं। लगातार हो रहे व्यवधानों के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि इंडिगो ने आज 1,800 से अधिक उड़ानें संचालित कीं, जो लगभग सामान्य संख्या है। उन्होंने कहा कि अकासा, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट जैसी अन्य एयरलाइंस पूरी क्षमता से उड़ानें चला रही हैं, जिसके चलते देशभर में हवाई सेवाएं काफी हद तक पटरी पर लौट आई हैं।
सिन्हा ने बताया कि परिचालन संकट के दौरान सबसे खराब स्थिति 4 और 5 दिसंबर को देखी गई थी। इसके बाद मंत्रालय ने एयरलाइंस और देशभर के एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कीं और परिचालन को स्थिर करने की कोशिशें तेज कीं। उनके अनुसार, अब स्थिति नियंत्रण में है और आने वाले दिनों में उड़ानों का संचालन पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।
अगले 24 घंटे में सभी यात्रियों को बैगेज मिल जाएगा
मंत्रालय सचिव ने बताया कि 90% बैगेज यात्रियों तक पहुंच चुका है। बाकी बैग भी एयरलाइन सीधे यात्रियों के घर तक भेज रही है। उन्होंने दावा किया कि अगले 24 घंटे में सभी यात्रियों को बैगेज मिल जाएगा।
100% रिफंड जारी किया
इंडिगो के रद्द टिकटों पर रिफंड की देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि 100% रिफंड जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एयर फेयर की ऊपरी सीमा तय कर दी है
500 किमी तक किराया ₹7,500
1,500 किमी से अधिक रूट का किराया ₹18,000 तक सीमित है।
इंडिगो मामले में विस्तृत जांच का आदेश
सिन्हा ने कहा कि सरकार ने इंडिगो मामले में विस्तृत जांच का आदेश दिया है, जिसकी रिपोर्ट 15 दिनों में आएगी। साथ ही एयरलाइन प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस भी जारी हुआ है। उन्होंने कहा कि हम भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने देंगे। जांच रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

