Saturday, April 4, 2026
- Advertisement -

पूर्व भाजपा पार्षद ने अपनी ही पार्टी की खोली पोल, मचा हड़कंप

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश भाजपा के समक्ष बृहस्पतिवार को अजीब स्थिति पैदा हो गई। भाजपा कई दिन से आम आदमी पार्टी सरकार की विभिन्न मामलों में पोल खोलने में लगी हुई है मगर उत्तरी दिल्ली नगर निगम में पांच साल पहले पार्षद चुनी गई ज्योति रछौया ने उसी की पोल खोलने के लिए पार्टी कार्यालय पर तंबू गाड़ दिया। उन्होंने वहां पानी में पकौड़े बनाने का प्रयास करते हुए महंगाई को मुद्दा बनाकर अप्रत्यक्ष तौर पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

प्रदेश भाजपा कार्यालय के समक्ष ज्योति रछौया ने कहा कि वह नांगलोई पार्षद की जिम्मेदारी से मुक्त हो गई है। अब उनके कोई कार्य नहीं है। इस कारण वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पकौड़ा बनाओ नीति से प्रभावित होकर उसे आगे बढ़ाने के लिए यहां पर पकौड़े बनाने आई है। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता से मांग की कि सेवानिवृत्त हुए सभी पार्षदों के लिए पकौड़ा बनाओ शिविर लगाया जाए। वे पकौड़े बेचकर अपनी आजीविका आसानी से चला सकेंगे।

ज्योति रछौया यहां पकौड़े बनाने के लिए तेल की बजाय पानी लेकर और एक छोटा सिलिंडर लाईं, इस सिलिंडर को ऊपर से काट रखा था और उसमें एक सुराख किया हुआ था। उन्होंने इस सुराख में एक पाइप ड्रेन के मेनहोल से जोड़ा। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि तेल महंगा होने के कारण खरीदा नहीं जा सकता।

इस कारण उन्होंने पानी में पकौड़े बनाने का निर्णय लिया, वहीं उन्होंने कहा कि गैस का सिलिंडर एक हजार रुपये का हो गया है और सिलिंडर पर सब्सिडी भी मिलनी बंद हो गई है। लिहाजा उन्होंने बायो गैस का उपयोग करने का निर्णय लिया, लेकिन ड्रेन से उन्हें बायोगैस नहीं मिली। इस कारण उन्होंने सिलिंडर के अंदर लकड़ी जलाकर पकौड़े बनाने की तैयारी
की है।

हालांकि प्रदेश भाजपा कार्यालय के समक्ष करीब डेढ़ घंटे बाद उनकी तबीयत खराब हो गई और उन्हें उनके साथ आए लोग आरएमएल अस्पताल ले गए। इस बीच प्रदेश भाजपा की शिकायत पर पार्टी कार्यालय के बाहर पुलिस आ गई और पुलिस ने सामान हटवाया। इससे पहले कई बार ज्योति प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के खिलाफ कई पत्र लिख
चुकी हैं।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

UP: आज से मौसम में करवट, 35 जिलों में गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना

जनवाणी ब्यूरो | यूपी: उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए नए...

उत्पाती होते बच्चों की मानसिकता

उषा जैन ‘शीरीं’ बच्चों का अधिकतम समय शिक्षा ग्रहण करते...

नफरत किस से करू…कैसे करूं?

क्या जमाना आ गया है, जहां कभी फोटो खिंचवाने...

क्या ममता करेंगी फिर से धमाल?

अब जब चुनाव की तारीखें घोषित हो चुकी हैं...
spot_imgspot_img