- दो हजार करोड़ के शराब घोटाले में नोएडा के कारोबारी संग हैं आरोपी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दो हजार करोड़ के शराब घोटाले में दो हजार करोड़ के शराब घोटाल में गिरफ्तार किए गए पूर्व आबकारी सचिव अरुणपति त्रिपाठी व उनके सहअभियुक्त अनवर ढेवर को मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में रखा गया है। मिली जानकारी के अनुसार 10 दिन की न्यायिक हिरासत के कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार देर रात इन्हें मेरठ जेल भेजा गया है। इन पर आरोप है कि नकली होलोग्राम बनाकर फर्जीवाड़ा और शराबकांड मामले में यूपी एसटीएफ ने इन्हें कोर्ट में पेश किया।
सूत्रों ने बताया कि दो हजार करोड़ के फर्जी शराब घोटाले की जडेÞ नोएडा से लेकर छत्तीसगढ़ तक फैली हुई थीं। एसटीएफ ने पूछताछ के लिए कोर्ट से अनवर की रिमांड मागी है जसि पर एक जुलाई को सुनवाई होगी। सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि अनवर ढेवर के ऊंचे राजनीतिक कनेक्शन हैं। यह भी कहा जा रहा है कि उसने तत्कालीन आईएएस अनिल टुटेजा, निरंजन दास, पूर्व आबकारी सचिव अरुणपति त्रिपाठी और कई अन्य के साथ मिलकर फर्जी शराब घोटाले का सिंडिकेट चलाया था। नोएडा के कारोबारी विधु गुप्ता की कंपनी को फर्जी तरीके से होलोग्राम के लिए टेंडर दिया था।
कृषि विवि में मारपीट करने वाले दो छात्रों को किया निष्कासित
मोदीपुरम: सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की केंद्रीय अनुशासन समिति द्वारा कीट विज्ञान से पीएचडी कर रहे छात्र निखिल कुमार एवं बीएससी कृषि के छात्र आकर्षक बालियान को आगामी सेमेस्टर 2024 एवं 25 के लिए निष्कासित कर दिया गया है, साथ ही साथ संपूर्ण पाठ्यक्रम छात्रावास से स्थाई निष्कासन किया है। संपूर्ण पाठ्यक्रम के लिए आचरण पर्यवेक्षक का भी आदेश दे दिया गया है। निष्कासित अवधि के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध उक्त अवधि में प्रवेश किए जाने की दशा में अंतिम रूप से निष्कासन करने की चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा निष्कासन उपरांत भविष्य के लिए कड़ी चुनौती भी दी गई है।
विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं समिति के सचिव डा. डीके सिंह ने बताया कि अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन से पीएचडी कर रहे अनुज कुमार के साथ दोनों छात्रों ने मारपीट की थी साथ ही साथ दुर्व्यवहार एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। उन्होंने बताया कि छात्रावास नियमावली का उल्लंघन एवं अनुशासनहीनता के दोषी पाए जाने पर दोनों छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। 15 जून को विश्वविद्यालय की केंद्रीय अनुशासन समिति की मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है। इसके उपरांत इस निर्णय को तुरंत लागू कर दिया गया है। दोनों छात्रों को तत्काल प्रभाव से इन आदेशों का पालन करने का आदेश दिया गया है।

