चार दशकों से बॉलीवुड के इस निर्देशक की अधिकतर फिल्में देशभक्ति व पारिवारिक प्रेम को प्रदर्शित करती रही हैं। दर्शकों का मानना है कि इनकी बनाई फिल्मों में सिनेमा में सीटीयां,तालियां व चिल्लाहट नहीं हुई तो देखने में मजा नहीं आता। हुकुमत, गदर, सिंह साहब द ग्रेट, अपने, द हीरो व मां के अलावा कई बड़ी फिल्में दी हैं। हाल ही में बॉलीवुड व सिनेमा के बदलते स्वरूप व 11 अगस्त रिलीज हुई फिल्म गदर-2 को लेकर पर निर्देशक अनिल शर्मा से योगेश कुमार सोनी एक्सक्लूसिव बातचीत…
गदर-2 का पूरे देश को इंतजार था और अब वो खत्म हो हो चुका है। क्या लगता है आपको पहले की तरह गदर 2 गदर मचा पाएगी
गदर देश की बड़ी फिल्मों में से एक है। वो मेरी फिल्म नहींं है, देश की फिल्म बन चुकी है। मुझसे गदर-2 के लिए हर कोई पूछता था, लेकिन जब तक गदर जैसी फिल्म के लिए पटकथा नहींं मिली, तब तक इंतजार करना पड़ा। इतनी बड़ी फिल्म के लिए लोगों की उम्मीद बहुत बड़ी हैं। स्टोरी, इमोशन व ड्रामे के साथ हर पहलू को बेहतर होना जरूरी है और समय आया फिल्म जल्द सबके सामने है। गदर-2 की एडवांस बुकिंग इस बात का प्रमाण है कि लोग इसको कितना प्यार देने वाले हैं।
क्या गदर-2, बाहुबली,पुष्पा या पठान का रिकॉर्ड तोड़ पाएगी
गदर-2 रिकार्ड के लिए नहींं बनाई है। इस फिल्म से लोगों की संवेदना व भावनाएं जुड़ी हैं। मेरा किसी से कोई कंपिटिशन नहींं है। अगर लोगों को पटकथा अच्छी लगी तो यह फिल्म भी रिकार्ड बनाएगी। और यदि कैलकुलेशन पर चले भी जाए तो गदर का 250 करोड का कलेक्शन था और यदि आज के हिसाब से बात करें तो पांच हजार करोड़ बनते हैं।
फिल्मों को सिनेमा में देखने का मजा आता है, लेकिन ओटीटी व कोरोना ने सिनेमा का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया। इस पर आपका क्या विचार है
पहले ड्रामा, नाटक व नौटंकी चलती थी और सिनेमा चलता है। इस स्वरूप कितने भी बदलें, लेकिन उद्देश्य केवल मनोरंजन ही रहा है। यह हिंदुस्तान है, यहां लोग मौज-मस्ती व शौक के लिए जीते हैं। सिनेमा का किसी भी चीज से तुलना करना बेईमानी सा लगता है। लोग मोबाइल में फिल्में व नाटक देखकर उब गए हैं। हर कोई बाहर निकलना चाहता है। आप घर में कितना भी अच्छा व्यंजन बना लें, लेकिन बिना रेस्टोरेंट जाए मन नहीं मानता।
ऐसे ही सिनेमा का मामला है। ओटीटी की वजह से तमाम ऐसे कलाकारों भी को काम मिला है जिनको काम मिलना मुश्किल था। यह परिवर्तन युग है चीजें बदलती रहती हैं। बहुत चीजें ओटीटी पर अच्छी लग सकती हैं लेकिन सारी नहीं। लेकिन ओटीटी पर फिल्में करोड़ों का बिजनेस कर रही हैं। अमेरिका की कुछ ऐसी फिल्में थीं, जिन्होंने करोड़ों का मुनाफा कमाया।
गदर -2 से लोगों के इमोशन जुड़ने के पीछे क्या कारण मानते हैं आप
आज लगभग दो दशक पहले जिस स्तर पर देश थी जनता का प्रेम मिला और लोगों फिल्म को अपना बना लिया। गदर-2 के लिए आप ऐसे समझें कि जैसे कि कोई घर का सदस्य बीस साल बाद घर लौटा हो तो लोग उसे गले लगा लेते हैं। ठीक उस ही तरह लोग गदर-2 को गले लगाने के लिए उत्सुक हैं।
दर्शकों व पाठको के लिए कोई संदेश
आप लोगों ने हमेशा बहुत प्यार दिया है और आगे भी ऐसे ही बना रहें। यह फिल्म पूरी तरह से पारिवारिक है। ऐसी फिल्म जरुर देखें और हमें आशीर्वाद दें।