जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय नौसेना विश्वविद्यालय की कुछ शाखाओं में महिला उम्मीदवारों के प्रवेश की अब अनुमति दे दी गई है। बता दें कि केन्द्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है उच्च न्यायालय को बताया गया कि अब भारतीय नौसेना विश्वविद्यालय प्रवेश योजना के तहत कार्यकारी शाखा की सामान्य सेवा (एक्स) कैडर आईटी और इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल शाखा में महिला उम्मीदवारों की भर्ती कर रही है।
केन्द्र की दलीलों पर ध्यान देते हुए, मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा एवं न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने एक याचिका का निपटारा किया, जिसमें भारतीय नौसेना विश्वविद्यालय की कुछ शाखाओं में महिला उम्मीदवारों के प्रवेश की मांग की गई थी, जहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित था।
वकील कुश कालरा द्वारा दायर जनहित याचिका में सरकार द्वारा संस्थागत भेदभाव का आरोप लगाया गया था और इसमें पुरुष उम्मीदवारों के समान महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के लिए उठाए गए कदमों को विस्तृत करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान, केन्द्र का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने तर्क दिया कि सेवा मामले के विषय पर दायर एक जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना विश्वविद्यालय प्रवेश योजना कार्यकारी शाखा सामान्य सेवा (एक्स) संवर्ग आईटी और तकनीकी शाखा इंजीनियरिंग और विद्युत शाखा में महिला उम्मीदवारों के प्रवेश की अनुमति देकर याचिका में उठाए गए मुद्दे को पहले ही दूर कर दिया गया है।
विधि अधिकारी ने जनवरी, 2023 से शुरू होने वाले सूचना प्रौद्योगिकी (कार्यकारी शाखा) में शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों के लिए आवेदन आमंत्रित करने वाले विज्ञापन के साथ-साथ सामान्य सेवा (कार्यकारी शाखा) सहित विभिन्न प्रविष्टियों के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों के लिए आवेदन आमंत्रित करने वाले विज्ञापन की ओर भी अदालत का ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अब याचिका में उल्लिखित दोनों शाखाओं में महिला उम्मीदवारों की भर्ती कर रही है। एएसजी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने भारतीय नौसेना अधिनियम की धारा 9(2) की संवैधानिक वैधता को चुनौती नहीं दी है। हालाँकि, वही वैधानिक प्रावधान भारत संघ को भारतीय नौसेना में महिला उम्मीदवारों के प्रवेश के लिए अधिसूचना जारी करने का अधिकार देता है।

