जनवाणी संवाददाता |
तल्हेडी बुजुर्ग: अंतर्राष्ट्रीय ध्यानगुरु दीपांकर महाराज ने सर्व समाज के लोगों के साथ गांव तल्हेडी बुजुर्ग में भिक्षा यात्रा निकाली। रविवार को अंतरराष्ट्रीय ध्यानगुरू दीपांकर जी महाराज ने गांव तल्हेडी बुजुर्ग में पहुंच कर सर्व समाज को एकजुट करने के लिए भिक्शा यात्रा का आयोजन किया जिसमें सभी हिंदू समाज के लोगों ने मिलजुल कर सहभागिता निभाई। ध्यान गुरु दीपांकर महाराज ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म सदियों से चला आ रहा है जिसे मिटाने के लिए हजारों लोगों ने प्रयास किया लेकिन आज तक इसे कोई बांट नहीं पाया।
उन्होंने कहा कि जिस समय अस्पताल में कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से जूझ रहा होता है तो उस समय कोई जाति बिरादरी नहीं देखी जाती बस उसे बचाने के लिए खून दिया जाता है,तो हम समाज में अलग-अलग जातियों में क्यों बंटे हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म हमारी पहचान है और उसे बनाए रखने के लिए मैं आपके समक्ष प्रस्तुत हुआ हूं।आज भिक्षा यात्रा का 53वा दिन है जिसमें सर्व समाज को एकजुट करने के लिए मैं भिक्षा मांगने आया हूं और आप मुझे निराश नहीं करेंगे। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सर्व समाज के लोगों को संकल्प दिलाया कि जातियों में बंटकर नहीं एक परिवार होकर रहूंगा एक हिंदू होकर रहूंगा, पहले राष्ट्र नो कास्ट का मूल मंत्र भी दिया।
इसके उपरांत शिव मंदिर और रविदास मंदिर में पहुंचकर सर्व समाज को एकजुट करने के लिए आवाहन किया। इसके अलावा कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम प्रधान शाहपुर से अरुण कुमार और अंबोली से मास्टर विनय कुमार ने कहा कि दीपांकर जी महाराज ने सनातन धर्म की रक्षा के लिएअनूठी पहल पेश की है उसमें सर्व समाज इनके आदर्शों पर चलने के लिए तैयार है। इनके प्रताप से देववृन्द विश्वविख्यात हो रहा है। कार्यक्रम को सकुशल सुरक्षात्मक तरीके से संपन्न कराने के लिए तल्हेडी चौकी पुलिस टीम मुस्तैदी से मौजूद रही।
कार्यक्रम में मास्टर मदन पाल, मास्टर लहरी,ललित त्यागी,राकेश कुमार,राजेश्वर त्यागी,संजीव कुमार,धर्मपाल, अनिकेत आदि के साथ सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

