Friday, March 6, 2026
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सजे बाजार, उठने लगी गुझिया की महक

  • पिचकारियों और गुलाल से भी सजने लगे शहर के बाजार, लोगों ने शुरू की खरीदारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: रंगों के पर्व यानि होली को अब सिर्फ कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। ऐसे में लोगों ने जमकर खरीदारी भी शुरु कर दी है। होली का त्योहार बिना गुझिया के पूरा नहीं होता। जिसके लिए मिठाई की दुकानों पर भी गुझिया सजाई जाने लगी है। मिष्ठान की दुकानों पर कई तरह की गुझिया मौजूद हैं। जिनकी खरीदारी भी जमकर शुरु हो गई है।

28 मार्च को होलिका दहन और 29 मार्च को रंगोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जहां लोगों ने घरों में मिष्ठान बनाने शुरु कर दिए हैं। वहीं, बाजारों से भी गुझिया, शक्कर पारे, मठरी आदि की खरीदारी शुरु हो गई है। हालांकि कुछ लोग संक्रमत के कारण बाजार की चीजों से परहेज भी कर रहे हैं।

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बुढ़ाना गेट स्थित श्रीरामचंद्र सहाय के कुशान गोयल ने बताया कि होली के लिए तैयारियां पहले ही शुरु कर दी थी। वहीं, ताजी बनाई गई गुझिया और मठरी भी तैयार हैं। इस बार होली के लिए शाही गुझिया, मावे वाली गुझिया, केसर गुझिया खासतौर से बनाई गई हैं। वहीं, ग्राहकों में भी इनकी डिमांड है। बताते चलें कि इस समय बाजारों में गुझिया 200 रुपये किलो से छह सौ रुपये प्रति किलो के रेट में मौजूद हैं।

मास्क और पिचकारी की धूम                                                           

इस बार होली के पर्व पर बच्चों के लिए भी कई तरह के नए आइटम बाजारों में धम मचाने के लिए तैयार हैं। जहां रंगों में भी पटाखे बाजारों में मौजूद हैं, वहीं मास्क और पिचकारी भी बच्चों को लुभा रही हैं। आमतौर पर पटाखों का नाम जहन में आते ही दिवाली की याद आती है, लेकिन इस बार होली के मौके पर भी पटाखे छुड़ा सकते हैं।

जिनके जलाने से आवाज नहीं बल्कि गुलाल का गुबार निकलता है। रंगों के पर्व पर यह पटाखे भी लोगों को काफी लुभा रहे हैं। इसके अलावा पिचकारी, मास्क के साथ गुजराती पगड़ी भी मार्केट में नजर आ रही है।

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होली के लिए भी बिक रहे चिप्स, पापड़                                                          

भारतीय संस्कृति में प्रेम और उल्लास का त्योहार होली करीब आ चुका है। होली के रंग में बाजार भी पूरी तरह से सराबोर है। कही अबीर गुलाल तो कही मिठाई और चिप्स पापड़ की बहार है और शहर में होली मिलन कार्यक्रमों की भी धूम है। वैसे भी होली का नाम आते ही सबसे पहले लोगों के मन में लजीज पकवानों का स्वाद दौड़ जाता है। इसमें चिप्स और पापड़ तो लोगों के मुंह में पानी ही ला देते है।

चिप्स पापड़ों के बिना होली का त्योहार अधूरा माना जाता है। होली के बाजार की बात करे तो इसबार चिप्स-पापड़ पर सूजी और साबूदाने के आइटम भारी पड़ रहे है। चिप्स और पापड़ विक्रेता सचिन ने बताया कि आलू के पापड़ और चिप्स 100 रुपये प्रति किलो से लेकर 200 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहे है। वहीं, सूजी और साबूदाने के आइटम 80 से 250 रुपये किलो है।

वहीं बाजार में उड़द दाल के पापड़ की डिमांड भी खूब हो रही है। गुजराती पापड़ों की होली पर अधिक डिमांड है। होली में अब सिर्फ चार दिन शेष बचे है। इसलिए महिलाओं ने भी घरों में आलू के चिप्स और चावलों की कचरी बनाना शुरु कर दिया है।

घंटाघर के पास दुकान लगाने वाने कन्हैया का कहना है कि इसबार कोरोना फिर से फैलनी की वजह से लोग रंगों की कम ही खरीदारी कर रहे है और कर भी रहे है तो केवल हर्बल गुलाल की। वहीं होली पर मटरी और गुजियों की भी जमकर खरीदारी की जाती है। जिसके लिए बुढ़ान गेट, सदर आदि स्थित मिठाईयों की दुकानों सजने लगी है। गुझियों की बात करे तो वह 300 रुपये किलो से लेकर 800 रुपये किलो तक मिलट रही है और मटरी 150 से 250 रुपये किलो तक।

वस्तुओं के दाम                                                                

  • फ्रांस चिप्स 50 से 80 रुपये तक
  • रंगीन चिप्स 20 से 40 रुपये तक
  • दाल पापड़ 60 से 100 रुपये
  • साबुदाना पापड़ पैकेट 10 से 20 रुपये तक
  • रंग 15 से 150 रुपये
  • गुलाल 10 रुपये से लेकर 250 तक
  • हर्बल गुलाल 50 रुपये से शुरु
  • पिचकारी 10 से 1500 रुपये तक
  • टीशर्ट 100 रुपये से 350 रुपये तक
  • मलिंगा विग 60 से 100 रुपये
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