- विरोध प्रदर्शन से गुस्साएं एसओ नौचंदी ने भाजपाइयों को भी नहीं बख्शा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: 40 लाख की डकैती के खुलासे में विफलता को लेकर हो रही किरकिरी से गुस्साएं एसओ नौचंदी ने आपा खो दिया। परिवार की महिलाओं को हिरासत में ले लिया। जीप मेंं बैठाते ही उनके मोबाइल छीन लिए। उन्हें छुड़ाने पहुंचे भाजपाइयों को भी नहीं बख्शा। जमकर खरीखोटी सुनाई।
भाजपाई भी कहां रुकने वाले थे, उन्होंने खूब खरीखोटी सुनाई। सांसद व विधायक तक मामला पहुंचा तो उन्होंने एसएसपी का नंबर खड़खड़ा दिया। मामले के एसएसपी तक पहुंचते ही सीओ सिविल लाइन व एसडीएम मौके पर आ धमके। जो कुछ थाना नौचंदी में हुए उसे भाजपाइयों ने नाक का सवाल बना लिया है और एसओ को हटाने की मांग कर दी है।
हुआ यूं कि नौचंदी थाना के शास्त्रीनगर विष्णु ज्वेलर्स के यहां पड़ी डकैती के खुलासे की मांग को लेकर परिजनों ने एल ब्लाक में जाम लगा दिया। बड़ी संख्या में रिश्तेदार व व्यापारी वहां जमा हो गए। वहां इंस्पेक्टर नौचंदी प्रेमचंद शर्मा भी पहुंच गए। धरने पर महिलाएं एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगीं। उनसे बात करने की मांग करने लगीं।
विष्णु ज्वेलर्स के मालिक तेजपाल की बेटी सारिका ने एसएसपी से बात करने की मांग की। सारिका के भाई कपिल वर्मा ने बताया कि एसएसपी से मिलने की बात कहकर इंस्पेक्टर नौचंदी ने उनकी बहन सारिका व मोहल्ला की तीन अन्य को जीप में बैठा लिया। आरोप है कि जीप में बैठाते ही उनके मोबाइल छिन लिए। थाने काल कर कहा कि इनके स्वागत की तगड़ी तैयारी की जाए।
इन महिलाओं के पीछे पीछे दूसरी गाड़ी में कुछ पुरूष भी थाना पहुंच गए। जैसे ही उन्हें हिरासत में लिए जाने की बात कही गयी, उन्होंने वहां से गाड़ी दौड़ा दी और कपिल वर्मा को महिलाओं को हिरासत में लेने व मोबाइल छिन लिए जाने की जानकारी दी। कपिल ने यह खबर भाजपा पार्षद राजेश निगम को दी।
वह मंडल की बैठक की तैयारी कर रहे थे। खबर मिलते ही वहां से शास्त्रीनगर मंडल अध्यक्ष प्रदीप कपूर, राजेश निगम, राजीव मदान, पार्षद राजेश रूहेल व जगपाल, रविश अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता अरूण वशिष्ठ, नीरज कौशिक, सतेन्द्र, गौरव शर्मा आदि थाना नौचंदी आ गए। उन्हें देखकर पुलिस वालों का पारार चढ़ गया।
आरोप है कि इंस्पेक्टर ने भाजपाइयों को खरीखोटी सुनानी शुरू कर दी। इस पर थाने में जमा भाजपाइयों ने सांसद, विधायक, महानगर अध्यक्ष के फोन मिला दिए। मामला ऊपर तक पहुंचा तो आनन-फानन में सीओ सिविल लाइन व एसडीएम देवेश सिंह वहां आ धमके। तभी उनके मोबाइल पर एसएसपी का काल आ गया।
आनन-फानन में हिरासत में ली गयी महिलाओं को रिहा कर दिया गया। भाजपा पार्षद राजेश निगम ने बताया कि इंस्पेक्टर नौचंदी का व्यवहार महिलाओं व भाजपाइयों के प्रति बेहद आपत्ति जनक था। ऐसे अधिकारी को वहां थाने में सहन नहीं कर सकते। कार्यकर्ताओं की भावना से संगठन को अवगत करा दिया गया है।
जिस प्रकार से घटना को प्रचारित किया जा रहा है, वैसा बिलकुल नहीं है। घटना के खुलासे के लिए कई टीमें लगा दी गयी हैं। -प्रेमचंद शर्मा, इंस्पेक्टर नौचंदी

