जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र पर जब से भाजपा ने अपना प्रत्याशी अरूण गोविल को घोषित किया है तभी से समाजवादी पार्टी के घोषित दलित उम्मीदवार सुप्रीमकोर्ट के अधिवक्ता भानुप्रताप सिंह का पार्टी के अंदर खुलकर विरोध किया जा रहा है। सोशल मीडिया से लेकर सपा के बड़े यानि कद्दावर नेताओं ने भी घोषित कैंडिडेट्स के विरूद्ध मोर्चा खोल दिया है।
इसकी भनक आलाकमान को लगते ही पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने कई बड़े पदाधिकारियों समेत टिकट के दावेदारों को राजधानी में स्थित पार्टी मुख्यालय में बुला लिया गया है।
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी में टिकट को लेकर घमासान मचा है। बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ दावेदारों ने फिर दावा ठोंका। दावेदारों का दावा है टिकट में बदलाव होगा, जबकि प्रत्याशी भानु प्रताप के समर्थकों का कहना है कि टिकट नहीं कटेगा।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट और बिजनौर सीट पर टिकट को लेकर लखनऊ में चर्चा हुई। बैठक में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा प्रत्याशी भानु प्रताप सिंह, सरधना विधायक अतुल प्रधान, हस्तिनापुर से पूर्व विधायक योगेश वर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री और किठौर विधायक शाहिद मंजूर, राष्ट्रीय सचिव आकिल मुर्तजा, पूर्व सांसद हरीश पाल के बेटे नीरज पाल, जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी थे।
शाहिद मंजूर बिजनौर से दावेदार हैं, जबकि बाकी सभी मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से। टिकट को लेकर जोर आजमाइश जारी है। सपा ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह और बिजनौर सीट से दीपक सैनी को प्रत्याशी बनाया है।
समाजवादी पार्टी के मेरठ जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी ने बताया कि उन्हें हाईकमान ने बुलाया था। अभी लखनऊ में ही हैं। टिकट को लेकर मंथन चल रहा है।

