Tuesday, April 7, 2026
- Advertisement -

पार्किंग में वाहनों से होती है अधिक शुल्क वसूली

  • खुल गई भ्रष्टाचार की पोल, नगरायुक्त भी भौचक रह गईं
  • महानगर के चार पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया

    जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: नगर आयुक्त गजल भारद्वाज ने गुरुवार को महानगर में संचालित नगर निगम के सभी पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया तो पोल खुल गई। पार्किंग स्थल पर अनुबंध की शर्तों का अनुपालन नहीं हो रहा था। निर्धारित दरों से अधिक शुल्क वसूला जा रहा था। शिकायत पिछले काफी दिनों से अधिकारियों को मिल रही थी। ऐसे में नगर आयुक्त ने जुर्माना कर दिया। उन्होंने कहा कि पब्लिक पार्किंग का मकसद आम जन को सुविधा देने के लिए होता है, इसलिए उस स्थान का रखरखाव, सफाई और नियमानुसार शुल्क ठेकेदार की जिम्मेदारी है।

नगरायुक्त ब्रहस्पतिवार की दोपहर अपर नगरायुक्त राजेश यादव व नगर स्वास्थय अधिकारी डॉ. कुनाल जैन के साथ जीपीओ रोड स्थित (मंदिर के बराबर में) नगर निगम के पार्किंग स्थल पहुंची और पार्किंग स्थल पर वाहन शुल्क की दरें लिखे बोर्ड और वाहन स्वामियों को दिये जाने वाली पर्चियों की जांच की। उन्होंने पाया कि बोर्ड पर एक साइड दुपहिया वाहनों का शुल्क 10रुपये और 20 रुपये संयुक्त रुप से लिखा गया था जबकि बोर्ड के दूसरी ओर साईकिल/स्कूटर और मोटर साईकिल की दरे लिखी ही नहीं गयी थी।

उन्होंने ठेकेदार द्वारा ठेके की शर्ताे का अनुपालन न होने तथा पार्किंग स्थल पर लगाये गए बोर्ड पर निर्धारित दरों का स्पष्ट उल्लेख न करने के लिए अपर नगरायुक्त को ठेकेदार पर जुमार्ना लगाने के निर्देश दिए। पार्किंग स्थल पर व्याप्त गंदगी देखकर नाराजगी जतायी। उन्होंने ठेकेदार को पार्किंग स्थल की साफ सफाई और उसका रखरखाव तथा वाहन स्वामियों के हेलमेट व्यवस्थित रुप से रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की यह भी जिम्मेदारी है कि वे पर्किंग स्थलों पर सफाई और रखरखाव ठीक रखें।

नगरायुक्त ने टैक्सी स्टैंड के बराबर वाले पार्किंग का भी निरीक्षण किया और ठेकेदार को अनुबंध के अनुरुप वहां वाहन शुल्क दरों का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। जुबली पार्क पार्किंग के निरीक्षण में अनेक खामियां पायी गयी। नगरायुक्त ने यह देखकर हैरानी जतायी कि बोर्ड पर कार पार्किंग शुल्क रुपये 50/-अंकित था लेकिन पर्ची पर रुपये 59/-छापा गया था। पूछने पर ठेकदार ने सफाई दी कि जीएसटी व अन्य टैक्स आदि के पैसे भी पर्ची पर जोड़े गए है। इसी तरह बोर्ड पर स्कूटर/मोटर साइकिल शुल्क दस रुपये लिखकर उसे मिटा दिया गया था।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Subashini: तमिल टीवी अभिनेत्री सुभाषिनी ने की आत्महत्या, पारिवारिक विवाद बना वजह

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

LPG Crisis: गैस सिलिंडर नहीं मिलेगा! 1 जुलाई से इन घरों में एलपीजी आपूर्ति बंद

जनवाणी ब्यूरो | यूपी: पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) उपयोग करने...

Share Market: लाल निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 510 अंक गिरा और निफ्टी 22,600 से नीचे

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में युद्ध बढ़ने...
spot_imgspot_img