- 27 घंटे में हंगरी बॉर्डर के नजदीक पहुंचा हिमांशु
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: रूस लगातार यूक्रेन के बड़े शहरों पर हवाई हमले कर रहा है। पिछले सात दिन से रूस और यूक्रेन के बीच जहां जंग छिड़ी हुई है, वहीं कैराना क्षेत्र के ऊं चागांव निवासी किसान रविंद्र चौहान का बेटा हिमांशु चौहान यूक्रेन की पोल्टावा मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फंस गया था।
मंगलवार को हिमांशु यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों के साथ बस के द्वारा हंगरी बॉर्डर की ओर रवाना हो गया था। हिमांशु चौहान ने बताया कि देर रात करीब एक बजे वह हंगरी बॉर्डर से करीब 50 किलोमीटर पहले उजोगोर्डाे यूनिवर्सिटी के एक हॉस्टल में पहुंच गया।
एडमिशन कराने वाले एजेंट ने छात्रों को रोका
छात्र हिमांशु के बड़े भाई रजत चौहान ने बताया कि जिस बस में हिमांशु चौहान था। उस बस में अलग-अलग ग्रुप के करीब 56 बच्चे सवार थे। भारत के जिन एजेंटों ने यूनिवर्सिटी में एडमिशन कराया था। उनके द्वारा कुछ बच्चों को रात में उजोगोर्डाे के हॉस्टल में रोका तथा बाकी बच्चे बस के द्वारा हंगरी बॉर्डर की ओर रवाना हो गए।
हॉस्टल में खाने पीने की नहीं व्यवस्था
हंगरी बॉर्डर के निकट हॉस्टल में पहले से ही करीब 150 छात्र रुके हुए हैं। जहां पर खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं हैं, जो छात्रों के पास थोड़ा बहुत खाने पीने का सामान था। उसी से ही अपना पेट भरा। जिन छात्रों के पास चादर थी। उसे फर्श पर बिछाकर उन्होंने रात गुजारी।
अन्य छात्रों को लेकर आ रही बस
जिस हॉस्टल में हिमांशु व अन्य भारतीय छात्र रुके हुए हैं, उसी हॉस्टल में एक एजेंट की अन्य छात्रों को लेकर एक बस और आनी है। सभी छात्रों के आने के बाद आज या कल में सभी को हंगरी बॉर्डर क्रस कराने के लिए भेजा जाएगा।

