- स्वास्थ्य विभाग अब मरीजों का ब्योरा रखेगा अपने पास
- सीएमओ दफ्तर से जनपद के स्वास्थ्य केन्द्रों पर पहुंचा पत्र
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकारी चिकित्सकों ने विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाले मरीजों का कैसा इलाज किया, उन्हे कैसे ट्रीट किया गया वो कहां से आए थे। इन सब का पूरा रिकॉर्ड एक रजिस्टर में दर्ज होगा। इसके बाद यह सारा रिकॉर्ड संबधित सीएचसी व पीएचसी के ग्रुप पर शेयर किया जाएगा। इसे जिले के तमाम अधिकारी भी देख सकेंगे। इस प्रकार के आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय द्वारा पूरे जिले के चिकित्सा प्रभारियों को भेजे गए हैं।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से पता चला है कि कुछ स्थानों पर इस बात की शिकायतें मिल रही थीं कि वहां पर आने वाले मरीजों का उचित प्रकार से इलाज नहीं हो पाता और कई सरकारी चिकित्सक मरीजों के इलाज में खाना पूर्ति करते हैं। बताया जाता है कि कई बार इससे सरकार की छवि भी कहीं न कहीं प्रभावित होती है। इस पूरे प्रकरण में अब स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाले मरीजों का पूरा डाटा मांगा है।
इन दोनों ही यूनिटों के चिकित्सा अधीक्षकों व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र में विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन के दिशा निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रत्येक कार्य दिवस पर इन स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाले मरीजों का पूरा विवरण दर्ज करें। यह विवरण ओपीडी रजिस्टर में दर्ज होगा।
इस विवरण में संबधित मरीज का पूरा नाम व उसका मोबाइल नम्बर भी होगा। उसमें यह भी दर्ज किया जाएगा कि कौन-सा मरीज किस गांव अथवा स्थान से आया है।जो पत्र चिकित्सा अधीक्षकों व चिकित्सा प्रभारियों को भेजे गए हैं उसमें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि पूरे दिन का यह विवरण अगले दिन सुबह 10 बजे तक संबधित चिकित्साधिकारी द्वारा अपनी अपनी सीएचसी व पीएचसी के ग्रुपों पर शेयर करेंगे। विभागीय सूत्रों से यह भी पता चला है कि चूंकि इन ग्रुपों में जिले के स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी भी जुड़े होंगे तो वो भी कभी भी किसी भी मरीज से उसकी बीमारी से संबधित फीडबैक भी ले सकते हैं।

